
Jaipur: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना दो युवकों के लिए कमाई का जरिया बन गया था। लड़कियों के नाम और फोटो से फर्जी प्रोफाइल तैयार की जातीं, फिर टेलीग्राम और वाट्सऐप बिजनेस के जरिए लोगों से बातचीत शुरू होती। बातचीत आगे बढ़ने के बाद अश्लील फोटो और वीडियो के जरिए उन्हें डराया जाता और रुपए की मांग की जाती। खोह नागोरियान थाना पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने सतीश मीणा (18), निवासी अलवर और हाल कानोता, तथा हेमंत सैनी (19), निवासी टोडाभीम, करौली और हाल खोह नागोरियान को पकड़ा है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनकी जांच शुरू की गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, अश्लील तस्वीरें, न्यूड वीडियो और संदिग्ध चैट मिली हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी अपने दोस्तों और परिचितों के मोबाइल नंबर लेकर अपने फोन में वाट्सऐप बिजनेस अकाउंट चलाते थे। इसके बाद लड़कियों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर आकर्षक प्रोफाइल बनाई जाती थी। टेलीग्राम के अलग-अलग ग्रुपों से अनजान लोगों के मोबाइल नंबर जुटाए जाते और फिर उन्हें वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की जाती थी।
शुरुआत सामान्य बातचीत से होती, लेकिन कुछ समय बाद बातचीत को अश्लील दिशा में ले जाया जाता। इसके बाद वीडियो और फोटो के नाम पर सामने वाले व्यक्ति को अपने जाल में फंसाकर रिकॉर्डिंग के आधार पर डराया जाता था।
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के मुताबिक, आरोपी फर्जी पहचान के सहारे लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान अश्लील सामग्री साझा करने के बाद उन्हें बदनाम करने या सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर रुपए मांगे जाते थे। रकम अलग-अलग डिजिटल स्कैनर पर मंगाई जाती थी। पुलिस अब इन लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब मोबाइल फोन की जांच की गई तो पुलिस को बड़ी मात्रा में डिजिटल सामग्री मिली। इसमें लड़कियों के नाम से बनाई गई फर्जी आईडी, फोटो, वीडियो, चैट और कई मोबाइल नंबर शामिल हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया।
खोह नागोरियान थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फर्जी प्रोफाइल तैयार करने, मोबाइल नंबर जुटाने और रकम के लेनदेन में इनके साथ कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था। बरामद मोबाइल से मिलने वाले डेटा के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
Updated on:
18 Aug 2026 08:46 pm
Published on:
18 Aug 2026 08:28 pm
