जयपुर

Dr. Kirodi Lal Meena : ‘… तो मेरा कृषि मंत्री बने रहना बेकार है’, इस्तीफे को लेकर मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने ये क्या कह डाला?

राजस्थान की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज और 'जनता के वकील' के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर विधानसभा में अपने आक्रामक भाषण को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। "बाबा" के नाम से मशहूर डॉ. मीणा ने सदन में न केवल नकली खाद माफियाओं के खिलाफ अपनी 'छापेमारी' का बचाव किया, बल्कि नैतिकता और पद त्याग की अपनी पुरानी परंपरा को भी दोहराया।

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Feb 25, 2026

जयपुर। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के तेवरों से गरमाया हुआ है। कृषि मंत्री डॉ. मीणा का सदन में दिए एक वक्तव्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसमें डॉ मीणा आक्रामक अंदाज़ में विपक्ष पर निशाना साधते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे फैक्ट्रियों और गोदामों में उनके द्वारा किए जा रहे औचक निरिक्षण और सामने आई गड़बड़ियों से लेकर अपने इस्तीफे का ज़िक्र करते दिख रहे हैं।

बयान में उन्होंने कहा कि क्या मंत्री का काम सिर्फ ऐशो-आराम करना है? ये भी साफ कहा कि अगर वे किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर सकते, तो उनका मंत्री बने रहना बेकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें छपने या छाने का शौक नहीं है, वे केवल उस किसान के प्रति जवाबदेह हैं जिसने उन्हें चुनकर भेजा है।

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किशनगढ़ में 'नकली खाद' का पर्दाफाश

डॉ. मीणा ने सदन में उस चर्चित छापेमारी का जिक्र किया जो उन्होंने किशनगढ़ (अजमेर) में की थी। उन्होंने बताया:

  • अधिकारियों ने किया गुमराह: "मैंने पहले अधिकारियों को भेजा, लेकिन उन्होंने मुझे गुमराह किया। तब मैं खुद मैदान में उतरा।"
  • फर्जीवाड़ा: किशनगढ़ की फैक्ट्रियों में मार्बल की स्लरी (कचरा), मिट्टी और कलर मिलाकर नकली DAP बनाया जा रहा था।
  • बड़ी कार्रवाई: 16 फैक्ट्रियों में छापेमारी कर लाखों बैग नकली खाद पकड़ी गई। डॉ. मीणा ने सदन में स्वीकार किया कि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे।

'पद नहीं, कर्म प्रधान है संस्कार'

कांग्रेस एमएलए नरेंद्र बुडानिया द्वारा 'छा जाने के लिए छापे' मारने के आरोप पर डॉ. मीणा भावुक और आक्रामक दोनों नजर आए। उन्होंने संघ के संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा— "नहीं चाहिए पद यश कर्म, सभी चढ़े मां के चरण।"

इस्तीफे की पहेली और नैतिकता का सवाल

डॉ. मीणा ने अपने पुराने इस्तीफे का जिक्र करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने याद दिलाया कि:

  • लोकसभा चुनाव का वादा: उन्होंने चुनाव के दौरान वादा किया था कि यदि उनके प्रभाव वाली सीटें (दौसा, करौली-धौलपुर, सवाई माधोपुर) भाजपा हारती है, तो वे इस्तीफा दे देंगे।
  • नैतिकता: हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने कहा कि अच्छा विभाग नहीं मिला इसलिए नाराज हैं, लेकिन सच्चाई मेरी नैतिकता थी। मैं एक साल से काम कर रहा हूं और इस एक साल में ही बता दिया कि कृषि मंत्रालय क्या होता है।"

वायरल हो रहा है ये वीडियो

विपक्ष पर तीखा हमला: "आरक्षण के नाम पर बहकाया"

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने 'संविधान बदलने' और 'आरक्षण खत्म होने' का झूठ फैलाकर जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि वे खुद एससी-एसटी समुदाय के बीच गए और उन्हें समझाया, लेकिन विपक्ष के भ्रम के कारण सीटें कम हुईं, जिसकी जिम्मेदारी उन्होंने खुद ली।

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Published on:
25 Feb 2026 09:59 am
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