- 'एयर एम्बुलेंस' V/S 'ग्रीन कॉरिडोर' ! - संत विजय दास को जयपुर से दिल्ली पहुंचाने का मामला - आखिर क्यों 'ग्रीन कॉरिडोर' को मिली 'एयर एम्बुलेंस' से तवज्जो? - तीन एयर एम्बुलेंस बोलीं, 'एयरलिफ्ट करने में लगेगा 7 घंटे का समय' - इधर ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचाने में लगे महज़ साढ़े तीन घंटे - सवाल उठ रहे, 'फिर किस काम की एयर एम्बुलेंस सेवा?'
जयपुर।
भरतपुर में अवैध खनन पर रोक की मांग के बाच एक संत के आत्मदाह के प्रयास का मामला तूल पकड़े हुए है। दो दिन पहले हुए घटनाक्रम में 80 फीसद तक जले संत विजय दास की हालत गंभीर बनी हुई है और वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच उन्हें एयर एम्बुलेंस के बजाए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर से दिल्ली ले जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सांसद की आपत्ति, 'एयर एम्बुलेंस से क्यों नहीं लाये?'
संत विजय दास को बेहद नाज़ुक हालत में ग्रीन कॉरिडोर से जयपुर से दिल्ली पहुंचाने को लेकर भरतपुर सांसद रंजीता कोली ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने राज्य की गहलोत सरकार से पूछा है कि आखिर क्या वजह रही कि संत विजय दास को एयर-एम्बुलेंस से नहीं भेजा गया? उन्होंने मुख्यमंत्री के नई दिल्ली में होने के बावजूद संत की कुशलक्षेम पूछने सफदरजंग अस्पताल नहीं पहुंचने पर भी सवाल उठाये।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौजूद रहीं सांसद रंजीता कोली ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत और उनके मंत्री-नेता सोनिया गांधी पर ईडी पूछताछ का विरोध करने दिल्ली आ सकते हैं, लेकिन दिल्ली में ही ज़िन्दगी-मौत से जंग लड़ रहे संत की कुशलक्षेम पूछने आने का किसी को वक्त नहीं है, जो अफ़सोस की बात है। सांसद ने कहा कि संत के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी, इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया तक से बातचीत करके आश्वस्त किया गया है।
सरकार का तर्क- 'ग्रीन कॉरिडोर सही'
संत विजय दास को एयर एम्बुलेंस की जगह ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर से नई दिल्ली भेजे जाने पर सरकार ने भी स्पष्टीकरण दिया है। सरकार की तरफ से राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने दलील देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों पर जयपुर से संत विजय दास को दिल्ली पहुंचाने के लिए तीन एयर एंबुलेंस से लगातार बातचीत की जा रही थी। लेकिन सभी ने कहा कि एयर एंबुलेंस से एयरलिफ्ट करने में करीब 7 घंटे का समय लगेगा।
इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से संत विजय दास को नई दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल की ‘‘बर्न यूनिट‘‘ तक पहुंचाया जाए, ताकि शीघ्र बेहतर इलाज संभव हो सके।
साढ़े तीन घंटे में तय की दूरी
संत विजय दास को ग्रीन एम्बुलेंस के ज़रिये साढ़े तीन घंटे के जयपुर से दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया गया। इसमें पुलिस और प्रशासन का सहयोग लिया गया। दिल्ली में राजस्थान सरकार की प्रमुख आवासीय आयुक्त शुभ्रा सिंह ने आश्वस्त करते हुए बताया है कि राज्य सरकार द्वारा संत विजय दास के इलाज की नई दिल्ली में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है ताकि उनको बेहतर इलाज मिल सके।