Rajasthan Big News : राजस्थान के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 1 जुलाई यानि आज से पोषाहार लेने के नियम बदल जाएंगे। राजस्थान के 5.50 लाख गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषाहार नहीं मिलेगा। जानें नियम में क्या हुआ बदलाव।
Rajasthan Big News : राजस्थान के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार लेने के नियमों में बड़ा बदलाव आया है। नए नियम के तहत राजस्थान के 5.50 लाख गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषाहार नहीं मिलेगा। यही नहीं 6 माह से लेकर 3 साल तक बच्चे भी इस सुविधा से वंचित होंगे। इसके पीछे वजह है कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 1 जुलाई यानि आज से FRS (Facial Recognition System) के जरिए पोषाहार वितरण करने के निर्देश जारी किए हैं। FRS मतलब
चेहरा पहचान प्रणाली।
केंद्र सरकार की FRS योजना 1 जुलाई यानि आज से लागू होगी। इस योजना को लागू करने के पीछे केंद्र सरकार की मंशा है कि पोषाहार योजना का लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचे। इसके लागू होने के बाद लाभार्थी की पहचान फोटो से होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिसकी फोटो मैच करेगी उसे पोषाहार मिलेगा, नहीं तो इस सुविधा से उसे वंचित होना पड़ेगा। FRS के लागू होने पर योजना की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। अभी तक कई महिलाओं और बच्चों का ई-केवाईसी व फोटो अपडेट नहीं है।
Facial Recognition System का लक्ष्य पूरा करने तहत अभी राजस्थान का देश में 9वां नम्बर है। प्रदेश में करीब 23 फीसदी काम बाकी है। प्रदेश में FRS के तहत कुल 23 लाख 56 हजार 82 लाभार्थी आते हैं। 26 जून तक 18 लाख 15 हजार 774 लाभार्थियों को जोड़ा गया है। इसके बाद करीब 5 लाख 40 हजार 308 गर्भवती महिलाएं FRS से अभी तक नहीं जुड़ सकी हैं।
1- सबसे पहले पंजीकरण और ई-केवाईसी कराना होगा।
2- आधार कार्ड और चेहरे का सत्यापन कराना होगा।
3- पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए लाभार्थियों को पोषाहार देने से पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फोटो लेंगी।
4- फोटो मैच होने पर मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।
5- ओटीपी को बताने के बाद ही पोषाहार दिया जाएगा।
6- लाभार्थियों को खुद आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर ही पोषाहार लेना होगा।
समेकित बाल विकास सेवाएं के निदेशक वासुदेव मालावत ने सोमवार को विभाग के अफसरों की बैठक लेकर एफआरएस के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए।
ओटीपी की समस्या आएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी पुराने फोन दे रखे हैं, उन्हें प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया।
छोटी लाल बुनकर, संस्थापक संरक्षक
कई लाभार्थियों के आधार में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है। किसी के आधार में परिजन के मोबाइल नंबर हैं। 100 फीसदी महिलाएं नहीं जुड़ पाएगी।
लक्ष्मी यादव, प्रदेशाध्यक्ष