जयपुर

Rajasthan Assembly By-Election: 2013 से कांग्रेस का पलड़ा रहा भारी, क्या इस बार BJP तोड़ पाएगी ये परिपाटी?

Rajasthan Election: राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी है।

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Sep 23, 2024

राजस्थान में जल्द सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस-भाजपा ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लगातार बैठकों के जरिए दोनों ही दल तैयारियों पर मंथन कर रहे हैं। पिछले एक दशक में हुए विधानसभा उपचुनावों की बात की जाए तो अब तक कांग्रेस का पलड़ा भारी ही रहा है।

कांग्रेस चाहे सत्ता में या फिर विपक्ष में रही हो। साल 2013 से अब तक विधानसभा के 16 उपचुनाव हुए हैं। इनमें से कांग्रेस को 10 और भाजपा को 4 सीटों पर जीत मिली।

इसके अलावा रालोपा और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) को एक-एक सीट मिली। बीएपी ने इसी साल जून में बागीदौरा उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। राजस्थान में अब विधानसभा उपचुनाव दौसा, देवली-उनियारा, झुंझुनूं, खींवसर, चौरासी, सलूंबर और रामगढ़ सीट पर होने हैं। भाजपा सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष में।

ऐसे में दोनों दल तैयारी में जुटे हैं। चुनावी दौरे शुरू हो चुके हैं। अभी जो सीटें खाली हुई हैं, इनमें से झुंझुनूं, देवली-उनियारा, दौसा और रामगढ़ में कांग्रेस का कब्जा था। भाजपा का सलूंबर, रालोपा का खींवसर और बीएपी का चौरासी सीट पर कब्जा था।

उपचुनाव वाली अधिकांश सीटें कांग्रेस के कब्जे में थीं

राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2019 से 2022 तक विधानसभा की 9 सीटों पर अलग-अलग समय पर उपचुनाव हुए। इनमें से 7 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने मंडावा, सुजानगढ़, सरदारशहर, सहाड़ा, धरियावद, वल्लभनगर सीट जीती थी, जबकि भाजपा ने राजसमंद और आरएलपी ने खींवसर सीट पर उपचुनाव जीता था। इनमें से अधिकांश सीटें कांग्रेस के कब्जे वाली थीं।

इससे पहले वर्ष 2013 से लेकर 2018 के बीच हुए उपचुनाव में नसीराबाद, वैर, सूरतगढ़ और मांडलगढ़ सीट कांग्रेस ने जीती थी, जबकि भाजपा के खाते में धौलपुर और कोटा दक्षिण सीट ही आ पाई। इधर, कांग्रेस के सामने इतिहास को दोहराने की चुनौती है तो वहीं भाजपा भी जीत के लिए पूरा जोर लगा रही है।

पिछले एक दशक में तीन विधानसभा चुनाव उम्मीदवारों के निधन के चलते स्थगित हुए। इनमें से कांग्रेस ने दो और भाजपा ने एक सीट जीती। वर्ष 2013 में चूरू, 2018 में रामगढ़ और 2023 में श्रीकरणपुर में चुनाव स्थगित हुए थे। चूरू और रामगढ़ में बसपा प्रत्याशी के निधन के चलते चुनाव स्थगित हुए थे, जबकि श्रीकरणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत कुन्नर के निधन के चलते चुनाव स्थगित किए गए थे।

साल 2014 की शुरुआत में चूरू में भाजपा, जनवरी 2019 में रामगढ़ व जनवरी 2024 में श्रीकरणपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की।

Published on:
23 Sept 2024 12:06 pm
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