Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और अगले महीने आचार संहिता भी लग जाएगी। यहां तक की भाजपा कुछ दिन में ही प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने वाली है।
भवनेश गुप्ता
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और अगले महीने आचार संहिता भी लग जाएगी। यहां तक की भाजपा कुछ दिन में ही प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने वाली है। इसके बावजूद पार्टी में चुनाव के दावेदारों के लिए बायोडाटा देने का कोई एक ठिकाना नहीं है। प्रदेश कार्यालय पर दावेदार पार्टी के पदाधिकारी और नेताओं को ढूंढते नजर आ रहे हैं। दावेदार बायोडाटा की कई कॉपी बनवाकर हर किसी नेता को देता नजर आ रहा है।
इन बायोडाटा को एक जगह इकट्ठा करने का भी कोई मैकेनिज्म पार्टी ने तैयार नहीं किया है, जबकि इस बार सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में दोवदारों की लाइन लगी हुई है। उधर कांग्रेस पार्टी ने दावेदारी जताने वाले नेताओं से ब्लॉक, जिले और प्रदेश स्तर पर बायोडाटा लिए हैं, लेकिन भाजपा में अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की है।
एक ठिकाना नहीं होने से दावेदार पसोपेश में हैं। ऐसे उन्हें प्रदेशाध्यक्ष सी.पी जोशी, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी के साथ स्थानीय नेताओं को भी बायोडाटा देना पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि एक के पास से भी बायोडाटा इधर-उधर हो जाए तो कहीं दिक्कत न हो जाए।
इस तरह कर रहे मशक्कत
बड़े नेताओं-पदाधिकारियों के इंतजार में कार्यालय के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इनसे मिलने के लिए सभा, कार्यक्रम तक जाने की दौड़ लगानी पड़ रही है।
परिवर्तन यात्रा के कारण प्रदेश कार्यालय में ज्यादातर समय प्रदेश पदाधिकारी नहीं मिल पा रहे। कार्यालय कर्मियों के भरोसे भी बायोडाटा छोड़ना पड़ रहा है।
जिलों में जिला अध्यक्ष को बायोडाटा देने के बावजूद बड़े पदाधिकारियों देने के इंतजार में रहते हैं।
पिछले चुनाव में यह थी व्यवस्था
विधानसभा प्रभारी या चुनाव समिति के सामने दावेदारी जताने का मैकेनिज्म बनाया गया था। जिला संगठन से भी सारे बायोडाटा इन्हीं के पास आते थे। रायशुमारी भी होती थी।