
अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को पहले दिन ही सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रश्नकाल की जगह शून्यकाल से सदन की शुरूआत हुई। किसान कर्ज माफी पर स्थगन प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष, उप नेता प्रतिपक्ष समेत अन्य नेताओं के बोलने के बाद सदन के नेता अशोक गहलोत का भी भाषण हो गया। कटारिया ने अपने भाषण में किसान कर्ज माफी के आदेश को लंगड़ा आदेश बताया। कटारिया ने कहा कि सरकार ने लंगड़ा आदेश जारी किया है। इसमें कुछ भी स्पष्ट नहीं है। जनता के साथ धोखा हुआ है।
जिस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विपक्ष को चाल और चालाकियां हम नहीं करने देंगे। नेता प्रतिपक्ष भावावेश में कुछ भी बोल देते हैं, लंगड़ा आदेश कुछ नहीं होता, लंगड़ी तो सोच होती है। इसके बाद गहलोत तो बैठ गए, लेकिन विपक्ष ने इस पर आपत्ति जता दी और वेल में आकर कर्ज माफी को लेकर इतना हंगामा किया कि सदन को आधा घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।