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Rajasthan Congress : अशोक गहलोत ने तोड़ी चुप्पी, डोटासरा की ‘नाराज़गी’ और ‘सेल्फ ब्रांडिंग’ तंज का दिया जवाब, कही 5 बड़ी बातें

Rajasthan Congress Power Struggle: राजस्थान कांग्रेस में क्या फिर शुरू हो गई अंदरूनी कलह? पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के 'सेल्फ ब्रांडिंग' तंज पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने दिया जवाब, जानिए पूरा मामला।
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Rajasthan Congress Govind Singh Dotasra Self Branding statement Ashok Gehlot Reply

Govind Singh Dotasra and Ashok Gehlot : File PIC

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी सियासी पारा अचानक गर्म हो गया है। गुरुवार 30 जुलाई को जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना 'सेल्फ ब्रांडिंग' और 'व्यक्तिवाद' पर जोरदार हमला बोला। डोटासरा का यह बयान ऐसे समय पर आया, जब वागड़ के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 300 से 400 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराने जयपुर पहुंचे थे। हालांकि, पार्टी मुख्यालय में औपचारिक जॉइनिंग से ठीक पहले मालवीय इन कार्यकर्ताओं के साथ सीधे अशोक गहलोत के सिविल लाइंस स्थित बंगले पर पहुंच गए, जहां गहलोत ने उन्हें कांग्रेस का दुपट्टा पहनाया और समर्थकों ने "अशोक गहलोत को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाओ" के नारे लगा दिए। इस घटनाक्रम से बिफरे डोटासरा ने चेतावनी दे डाली कि व्यक्तिगत ब्रांडिंग की वजह से ही पार्टी को बार-बार हार का सामना करना पड़ता है।

गहलोत के बंगले पर 'पावर शो', नाराज हुए डोटासरा!

जयपुर में पीसीसी दफ्तर में कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सियासी बवंडर खड़ा हो चुका था। बांसवाड़ा से आए 300 से 400 आदिवासी कार्यकर्ताओं को पहले पार्टी मुख्यालय जाना था, लेकिन वे सीधे अशोक गहलोत के जयपुर आवास पर चले गए। अशोक गहलोत के आवास पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारेबाजी की और वहां दुपट्टा पहनाने का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

डोटासरा इस बात से बेहद खफा थे कि आधिकारिक जॉइनिंग पीसीसी दफ्तर में होने के बजाय एक नेता विशेष के घर पर 'पावर शो' की तरह क्यों की गई?

VIDEO : डोटासरा ने कुछ इस तरह जताई नाराज़गी

'मैं किसी व्यक्ति की नहीं, सिर्फ कांग्रेस की ब्रांडिंग करूंगा'

कार्यकर्ता जब गहलोत के आवास से निकलकर पीसीसी मुख्यालय पहुंचे, तब डोटासरा ने आक्रामक रुख अपनाया। डोटासरा ने बिना नाम लिए कहा कि किसी व्यक्ति को अपनी ब्रांडिंग की चिंता हो तो वह उनको मुबारक हो। गोविंद सिंह डोटासरा सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए काम करता है और जब तक अध्यक्ष पद पर रहेगा, संगठन के लिए ही काम करेगा।

डोटासरा ने खुलकर स्वीकार किया कि व्यक्तिवाद और खुद को पार्टी से बड़ा दिखाने की होड़ ने कांग्रेस का भारी नुकसान किया है। इसी वजह से एक बार सरकार बनाने के बाद अगली बार हार का सामना करना पड़ता है।

अशोक गहलोत का जवाब, क्या वाकई कांग्रेस में कोई नाराजगी है?

डोटासरा के तीखे बयानों के बाद जब राजस्थान की राजनीति में गुटबाजी की अटकलें तेज हुईं, तो अगले ही दिन शुक्रवार 31 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद मीडिया के सामने आए और स्थिति स्पष्ट की। गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया में 6 मुख्य बातें कहीं।

1. 'मेरे घर जॉइनिंग नहीं, केवल शिष्टाचार मुलाकात थी

गहलोत ने बताया कि उनके घर पर कोई आधिकारिक जॉइनिंग कार्यक्रम तय नहीं था। कार्यकर्ताओं की जिद थी कि वे जयपुर आकर मिलना चाहते हैं।

2. 'मैंने 500 किलोमीटर आने से मना किया था'

गहलोत ने कहा कि उन्होंने खुद कार्यकर्ताओं से कहा था कि इतनी दूर बस लेकर जयपुर न आएं, वे खुद बांसवाड़ा दौरे पर आकर उन सभी से मिलेंगे। लेकिन मालवीय के बार-बार आग्रह पर वे मिलने के लिए राजी हुए।

3. 'जॉइनिंग नेताओं की होती है, कार्यकर्ताओं का तो स्वागत है'

पूर्व सीएम ने कहा कि 400 कार्यकर्ताओं के आने पर क्या विवाद? अगर विपक्षी दल या बीएपी से लोगों का मोहभंग हो रहा है और वे कांग्रेस में आ रहे हैं तो यह अच्छी बात है।

4. 'डोटासरा और मेरे बीच कोई कड़वाहट नहीं'

गहलोत ने कहा कि न तो अध्यक्ष जी को कोई नाराजगी है और न ही मुझे। डोटासरा को जो बात महसूस हुई, उन्होंने अपनी बात रख दी। अगर मीडिया ऐसे सवाल पूछेगा जिनकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं थी, तो प्रतिक्रिया वैसी ही आएगी।

5. 'मीडिया माहौल बिगाड़ने का काम न करे'

गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि मीडिया के साथी नेताओं को डराने और माहौल बिगाड़ने में आगे रहते हैं। लेकिन कांग्रेस का कोई भी नेता ऐसी बात नहीं बोलेगा जिससे आपस में लड़ाई बढ़े।

पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि देश को इस समय कांग्रेस की जरूरत है क्योंकि लोकतंत्र खतरे में है। राजस्थान में कांग्रेस पूरी तरह से एक होकर लड़ेगी और भविष्य में दोबारा सरकार बनाएगी।