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Ramgarh Dam: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जागा प्रशासन, बांध के 759 वर्ग किमी कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की जांच शुरू

Ramgarh Dam: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जयपुर जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने रामगढ़ बांध के 759 वर्ग किमी कैचमेंट एरिया में सर्वे शुरू कर दिया है। टीम नदी-नालों में बने अवैध कब्जों और जल प्रवाह में आ रही रुकावटों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रही है।
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Ramgarh Dam

रामगढ़ बांध में अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त (Photo-Patrika)

Ramgarh Dam Catchment Encroachment: रामगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण और जल प्रवाह में रुकावटों को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन से लेकर कैचमेंट क्षेत्र तक हलचल तेज हो गई। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए अगली सुनवाई से पहले अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही अतिक्रमण करने वालों के नाम भी मांगे गए हैं। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने रामगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया से जुड़े राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जमवारामगढ़ एसडीएम एवं नोडल अधिकारी ललित मीणा व तहसीलदार रामधन विश्नोई शामिल हुए। बैठक से पहले उपखंड और तहसील कार्यालय स्तर पर अधिकारियों ने आपसी चर्चा कर कैचमेंट क्षेत्र से संबंधित रिपोर्ट तैयार की।

चार विधानसभा क्षेत्रों तक कैचमेंट

रामगढ़ बांध का करीब 759 वर्ग किलोमीटर का कैचमेंट एरिया विराटनगर, शाहपुरा, आमेर और जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्रों तक फैला हुआ है। विराटनगर की दौलाज पहाड़ियों से बाणगंगा नदी का उदगम होता है। बाणगंगा के अलावा माधोवेणी और रोड़ा नदी सहित कई सहायक नदियां और नाले रामगढ़ बांध के जलग्रहण क्षेत्र का हिस्सा हैं। प्रशासन की ओर से कैचमेंट क्षेत्र में जल प्रवाह में आ रही रुकावटों और अतिक्रमण की स्थिति का धरातलीय सत्यापन किया जा रहा है।

कैचमेंट क्षेत्र का लिया जायजा

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता महेश कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम ने रामगढ़ बांध के आसपास गोपालगढ़, विट्ठलपुर और बिशनपुरा गांवों में पहुंचकर कैचमेंट क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने जल प्रवाह में आ रही रुकावटों और मौके की स्थिति की जानकारी जुटाई।

बिना भू-रूपांतरण निर्माण का आरोप

जमवारामगढ़ निवासी जगदीश नारायण मीणा ने रोड़ा नदी के बहाव क्षेत्र के पास सीरों के बांस क्षेत्र में बिना भू-रूपांतरण के होटलनुमा निर्माण होने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से पुराने राजस्व नक्शों और रिकॉर्ड के आधार पर नदी-नालों के मूल स्वरूप और बहाव क्षेत्र को बहाल कराने का अनुरोध किया है।

दांत माता मंदिर के पास नाला अवरुद्ध

दांत माता मंदिर के पास पहाड़ियों से निकलकर जमवारामगढ़ कस्बे के बीच से गुजरने वाला नाला भी कई जगह अवरुद्ध बताया जा रहा है। नाला जाम होने के कारण कस्बे और आसपास के क्षेत्र का बरसाती पानी रोड़ा नदी तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी-नालों के प्राकृतिक बहाव में रुकावटों के कारण बारिश का पानी कैचमेंट क्षेत्र से रामगढ़ बांध तक पहुंचने में बाधित हो रहा है।

अधिकारियों के वक्तव्य

बैठक में मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई की जाएगी।
— ललित मीणा, उपखंड अधिकारी, जमवारामगढ़

रामगढ़ बांध कैचमेंट एरिया का दौरा कर नदी-नालों के संबंध में सटीक जानकारी जुटाई जा रही है।
— महेश कुमार मीणा, सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग, जमवारामगढ़