Rajasthan Assembly : राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या 200 है, लेकिन विधानसभा उपस्थिति 208 की ले रही है। यह कैसा सिस्टम है, पढ़ें यह रोचक खबर।
Rajasthan Assembly : राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या 200 है, लेकिन विधानसभा उपस्थिति 208 की ले रही है। वर्तमान विधानसभा के पिछले सत्र में विधायकों की जो उपस्थिति जांची गई, वह 208 की जांची गई। प्रदेश में 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इसके बाद कुछ सीटों पर उपचुनाव हुए तो नए सदस्य बने, लेकिन विधानसभा की डिजिटल सूची में पुराने विधायकों के नाम भी नहीं हटाए गए और पिछले माह जो सत्र समाप्त हुआ था। उस में भी इन पूर्व विधायकों के आगे 'सदस्यों की ओर से हस्ताक्षर नहीं लिखा गया।
इस बारे में पत्रिका संवाददाता ने जब विधानसभा सचिव भारत भूषण शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि पुराने सदस्यों की उपस्थिति नहीं ली जाती, नाम हटा देते हैं। विधायकों की सूची में संशोधन होता रहता है। इसके बाद वेबसाइट से उन पूर्व विधायकों के नाम हटा दिए गए, जिनकी उपस्थिति जांची जा रही थी।
कंवर लाल मीणा - निलंबित
हरीश मीना - सांसद, टोंक-सवाई माधोपुर
बृजेन्द्र सिंह ओला - सांसद झुंझुनूं
महेन्द्रजीत सिंह मालवीया - लोकसभा प्रत्याशी
मुरारी लाल मीणा - सांसद, दौसा
हनुमान बेनीवाल - सांसद, नागौर
जुबेर खान - देहांत
अमृत लाल मीणा - देहांत।
ये सब 2023 में विधायक बने थे, लेकिन अलग-अलग कारणों से उपचुनाव के बाद ये विधायक नहीं रहें। इसके बाद भी पांचवे सत्र के दौरान इनके नाम शामिल रहे।
राजस्थान विधानसभा की विभिन्न समितियों का गठन गुरुवार को जारी रहा। अब तक विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 16 समितियों के सभापति और सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। इनमें से 11 समितियों के सभापति भाजपा और तीन के कांग्रेस विधायक बनाए गए हैं। अध्यक्ष देवनानी की अध्यक्षता वाली नियम समिति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को सदस्य बनाया गया है। सभी समितियों का कार्यकाल अगले वर्ष मार्च तक रहेगा।
सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति स्वयं विधानसभा अध्यक्ष होंगे। इस समिति में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पहली बार सदस्य बनाया गया है, जबकि पिछली बार वे इसके सदस्य नहीं थे। समिति में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कुल 16 सदस्य शामिल हैं। मात्र एक समिति की सभापति महिला विधायक को बनाया गया है। महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति की अध्यक्ष भाजपा विधायक कल्पना देवी को बनाया गया है। याचिका एवं सदाचार समिति के सभापति के रूप में विधायक कैलाश वर्मा को पुनः नियुक्त किया गया है।