
मुख्यमंत्री चयन की दौड़ में सबसे आखिर रहा राजस्थान अब मंत्रिमंडल विस्तार के मामले में भी सबसे आखिर होने जा रहा है। दरअसल, इन दोनों ही मामलों में भाजपा शासित अन्य दो राज्यों- छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ने राजस्थान को पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के बाद आज मध्य प्रदेश में भी मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा है। लेकिन राजस्थान के मामले में सस्पेंस अब भी बरकरार है।अब इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसे लेकर अलग-अलग कयास और चर्चाएं होने लगी हैं।
सबसे ज़्यादा उलझन राजस्थान में!
मुख्यमंत्री चयन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार में भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से राजस्थान का पिछड़ना दिल्ली में बैठी भाजपा आलाकमान की प्रदेश को लेकर 'उलझन' ज़ाहिर कर रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय संगठन राजस्थान के मामले में कुछ ज़्यादा ही सावधानियां रख रहा है। यहां के लिए हर एक कदम को फूंक-फूंक कर रखा जा रहा है।
अब 27 को शपथ ग्रहण की चर्चा
भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के काउंटडाउन और सस्पेंस के बीच अब नई अपडेट ये है कि यहां मंत्रियों का शपथ ग्रहण 27 दिसंबर को होगा। बताया जा रहा है कि इस दिन को ध्यान में रखते हुए राजभवन ने भी शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पहले फेज़ में बनेंगे एक दर्जन मंत्री
सूत्रों की जानकारी के अनुसार भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के पहले फेज़ में एक दर्जन के करीब मंत्री बनाये जाएंगे। हालांकि असल तस्वीर मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही साफ़ होगी।
अनुभव या नए चहरे... किसे तवज्जो?
भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल कैसा होगा? इसे लेकर फिलहाल कयास और चर्चाओं का बाज़ार गरम है। दरअसल, इस विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बने भाजपा नेताओं में अच्छा-खासा अनुभव रखने वालों के साथ ही नए चेहरों की भी संख्या काफी है। ऐसे में मंत्रिमंडल में किसे ज़्यादा तवज्जो मिलेगी देखना दिलचस्प रहेगा।
परवान पर नए-युवा विधायकों की उम्मीद
मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों के चयन में नए और युवा चेहरों को मौक़ा मिलने के बाद अब इन्हीं की उम्र के समकक्ष नेताओं की मंत्री बनने को लेकर उम्मीदें परवान पर हैं। बड़ी ज़िम्मेदारी का मौक़ा किस-किसको मिलता है इसे लेकर भी सस्पेंस मंत्रिमंडल ऐलान के साथ ख़त्म हो जाएगा।
दिल्ली से लगी है अंतिम मुहर
एमपी और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान में भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर भी प्रदेश से ज़्यादा दिल्ली में एक्सरसाइज़ हुई है। अपनी टीम को विस्तार देने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और दोनों डिप्टी सीएम दिया कुमारी और डॉ प्रेम बैरवा एक नहीं बल्कि दो-दो बार नई दिल्ली दौरे पर जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल के लिए चयनित हो रहे मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर भाजपा की शीर्ष नेतृत्व से ही लग रही है। बताया गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार की इस कवायद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।