राजस्थान में सुशासन और 'समाधान आधारित राजनीति' का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जयपुर जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा 'रास्ता खोलो अभियान' ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान साबित हो रहा है। पिछले 15 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जयपुर जिले में 1700 से अधिक ऐसे रास्ते खोले गए हैं, जो वर्षों से आपसी विवादों या अतिक्रमण के कारण बंद पड़े थे।
जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार का 'रास्ता खोलो अभियान' रंग ला रहा है और लाखों ग्रामीणों की राह आसान बना रहा है। ग्रामीण विकास और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में इसी अभियान के तहत जयपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के कुशल निर्देशन में संचालित 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत मात्र 15 महीनों (15 नवंबर 2024 से 21 फरवरी 2026) के भीतर रिकॉर्ड 1,703 रास्ते खुलवाए गए हैं।
इस अभियान के क्रियान्वयन में फागी तहसील पूरे जिले में अव्वल रही है, जहाँ प्रशासन ने आपसी समझाइश से सर्वाधिक 148 बंद रास्ते खुलवाए। वहीं, मौजमाबाद दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ 132 रास्तों को बहाल कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रत्येक तहसील के लिए प्रति सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया है। प्रशासन की इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहाँ पुलिस बल या सख्ती के बजाय 'सहमति और संवाद' को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों पुराने अदालती विवादों को आपसी बातचीत से निपटाया जा रहा है, जिससे न केवल रास्ते खुले हैं बल्कि ग्रामीणों के बीच के कड़वाहट भी दूर हुई है।
बंद रास्ते खुलने का सबसे बड़ा लाभ सीधे तौर पर किसानों और विद्यार्थियों को मिल रहा है: