
Bhajan Singer Chhail Bihari Verma Passes Away: करौली/जयपुर: राजस्थान के सांस्कृतिक और संगीत जगत से दुखद खबर सामने आई है। करौली की पावन धरा की अनुपम विभूति, संगीत एवं अनूठी लौकिक प्रतिभा के धनी और प्रख्यात भजन गायक गुरु छैलबिहारी वर्मा का आज शनिवार (4 जुलाई 2026) को निधन हो गया है। उनके निधन की खबर फैलते ही संगीत प्रेमियों, कला जगत और करौली व जयपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
बता दें कि छैलबिहारी वर्मा संगीत के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित और परम श्रद्धेय नाम थे। वे आराध्य देव ठाकुर मदनमोहन महाराज के अनन्य भजन गायक थे। वे स्वर्गीय देवीलाल संगीताचार्य (करौली वाले) के मझले पुत्र और प्रसिद्ध मिश्रीलाल राजस्थानी के भतीजे थे। संगीत उन्हें विरासत में मिला था, जिसे उन्होंने न केवल पूरी निष्ठा से संजोया, बल्कि वैश्विक पटल पर भी स्थापित किया।
उनके प्रिय शिष्य मानप्रकाश प्रजापत ने गहरे दुख के साथ बताया कि गुरु छैलबिहारी वर्मा ने संगीत के क्षेत्र में न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जगत में भी भारतीय संस्कृति और गायकी का परचम लहराया था। विश्व विख्यात तीर्थस्थल मदनमोहन महाराज करौली के मंदिर में जब भी वे अपने मुखारविंद से भजनों की दिव्य प्रस्तुति देते थे, तो वहां उपस्थित सभी श्रोता भाव-विभोर और मंत्रमुग्ध हो जाते थे। उनकी वाणी में एक अलौकिक भक्ति और समर्पण का भाव था, जिसने करौली की सांस्कृतिक धरा को सदैव गौरान्वित किया।
कला और संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि छैलबिहारी वर्मा के महाप्रयाण से संगीत जगत और करौली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक ऐसी अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। वे अपने पीछे शिष्यों और प्रशंसकों का एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं।
बताते चलें कि छैलबिहारी वर्मा का निधन जयपुर के प्रतापनगर स्थित निवास पर अस्वस्थता के चलते हुआ। उनके चाहने वालों ने सोशल मीडिया के माध्यम से दुख व्यक्त किया।