
राजस्थान में अब 'विपक्षी' कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि 'सत्ताधारी' भाजपा सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करती नज़र आएगी। दिलचस्प और हैरानी की बात इसलिए भी है कि आमतौर पर सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी विपक्ष की होती है, लेकिन राजस्थान में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य विरोधी राजनीतिक दलों द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव व प्रदर्शनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए खुद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सड़कों पर उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी नेतृत्व ने विपक्ष के बयानों और आक्रामक रुख को नाकाम करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' स्लोगन के साथ एक व्यापक जन आंदोलन का ऐलान किया है। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत प्रदेश की राजधानी जयपुर से लेकर सभी जिला मुख्यालयों तक बड़ी पदयात्राएं, पैदल मार्च और जनसभाएं होंगी और कांग्रेस सहित अन्य विरोधी दलों के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया जाएगा।
भाजपा के इस नए राजनीतिक अभियान की आधिकारिक शुरुआत जयपुर शहर से की जा रही है। जयपुर के अलावा राज्य के तीन प्रमुख संभाग मुख्यालयों- उदयपुर, कोटा और जोधपुर में भी व्यापक स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा और रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
भाजपा के शीर्ष रणनीतिकारों का मानना है कि विपक्ष जिस तरह से विभिन्न मुद्दों पर जनता को भ्रमित करने और भीड़ के जरिए दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है, उसका जवाब सीधे जनता की अदालत में जाकर ही दिया जा सकता है।
भाजपा द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य ध्येय विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों का तथ्यात्मक और रणनीतिक जवाब देना है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध दर्ज कराने का एक संवैधानिक दायरा होता है, लेकिन विपक्षी दल असंतोष को सड़क पर अराजकता और अराजक भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
पार्टी इस पूरे अभियान के माध्यम से जनता तक यह संदेश पहुंचाना चाहती है कि राज्य की भजनलाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार संवैधानिक मूल्यों और कानून के राज को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। इस आंदोलन के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR), घुसपैठ और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे अहम विषयों पर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
बीजेपी की प्रदेश मंत्री और पदयात्रा संचालन टोली की सदस्य एकता अग्रवाल के अनुसार, इस पूरे आंदोलन में राज्य के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के प्रमुख कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और शैक्षणिक केंद्रों में 'लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र—युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।
एकता अग्रवाल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं को भड़काकर अराजकता फैलाने की विपक्ष की कोशिशें अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा का हर एक समर्पित कार्यकर्ता अब सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की मजबूत आवाज बुलंद करेगा। भारत का युवा पूरी तरह से राष्ट्रभक्त है, संविधान में उसकी अटूट आस्था है और देश की एकता व अखंडता ही उसका सर्वोच्च संकल्प है। विपक्ष के किसी भी भ्रामक एजेंडे को युवा स्वीकार नहीं करेंगे।"
अभियान की रूपरेखा के तहत राजधानी जयपुर में विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ता सड़कों पर मार्च निकालेंगे। 31 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 'राष्ट्र चिंतन संवाद' कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित की जाएगी। इन आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों जैसे डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, प्रोफेसरों, व्यापारियों और समाजसेवियों को जोड़कर उन्हें वर्तमान मुद्दों की तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी।
पार्टी ने इस अभियान को सुचारू और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पूर्व मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा को प्रदेश संयोजक बनाया है, जबकि सीताराम पोसवाल, पुनीत कर्नावट और भवानीशंकर शर्मा को सह-संयोजक की कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही प्रचार सामग्री, सोशल मीडिया प्रबंधन और जनसंपर्क के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है।
पंचायती राज चुनावों और विभिन्न स्थानीय मुद्दों के बीच सत्ताधारी दल भाजपा का इस तरह आक्रामक अंदाज में सड़कों पर उतरने का फैसला राज्य के राजनीतिक पारे को और बढ़ा रहा है। जहां एक तरफ कांग्रेस लगातार सरकार की नीतियों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी, वहीं अब भाजपा के इस पलटवार से दोनों प्रमुख राजनीतिक दल सीधे आमने-सामने आ गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में रहते हुए कार्यकर्ताओं को सड़कों पर सक्रिय रखना बीजेपी का एक बड़ा सांगठनिक कदम है, जिससे न केवल कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरेगा बल्कि आगामी स्थानीय चुनावों के लिए भी पार्टी का पक्ष मजबूती से जनता तक पहुंच पाएगा।