जयपुर

पहली सूची जारी होने के बाद बीजेपी में उठने लगे ‘बगावत’ के सुर, कई दावेदारों ने किया शक्ति प्रदर्शन

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सूची जारी होने के बाद से ही बगावत के सुर उठने लगे।
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Nov 12, 2018
bjp

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सूची जारी होने के बाद से ही बगावत के सुर उठने लगे। टिकट नहीं मिलने पर कुछ नेताओं ने विरोध जताना शुरु कर दिया है। अजमेर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और जैतारण सहित कई जगहों पर विरोध किया गया। इसके साथ समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। वहीं, बीजेपी मुख्यालय पर सोमवार को कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि बीजेपी के बड़े नेता नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हुए हैं।

अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के मौजूदा विधायक भागीरथ चौधरी का टिकट काटने एवं विकास चौधरी को टिकट दिए जाने का विरोध शुरु हो गया हैं। किशनगढ़ क्षेत्र से जयपुर आए भाजपा कार्यकर्ताओं ने विकास चौधरी को प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध किया।

इसी तरह कोटा जिले की रामगंजमंडी (सुरक्षित) से विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने उनकी जगह पूर्व मंत्री मदन दिलावर को टिकट दिए जाने का विरोध किया हैं। मेघवाल ने मीडिया से कहा कि टिकट के लिए पार्टी के सर्वे में उनका नाम होने तथा जनता में उनके प्रति कोई नकारात्मक सोच नहीं होने के बावजूद उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया हैं।

डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में असंतोष के स्वर उभर आए हैं और बगावती तेवर दिखाए हैं। विधायक अनिता कटारा की मौजूदगी में सोमवार को उनके कार्यालय में समर्थकों ने बैठक की और तय किया कि 14 नवंबर को वे एकबार फिर बैठक करेंगे, जिसमें कटारा को निर्दलीय चुनाव लड़ाने पर विचार कर निर्णय किया जाएगा।

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा में केंद्रीय नेतृत्व के पत्ते खोलने के साथ ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। मांडल से मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने से उन्हीं के ही खास माने जाने वाले भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष उदयलाल भडाणा ने बागी तेवर दिखाए हैं। उनका कहना है कि वह गुर्जर समाज में गहरी पकड़ रखने के साथ ही मांडल विधानसभा क्षेत्र में उनकी जड़ें जमी हुई है और वे टिकट के प्रबल दावेदार थे।

लेकिन उनकी अनदेखी हुई है। वह अब निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। सहाड़ा में भाजपा के जिला परिषद सदस्य रूपलाल जाट के प्रत्याशी बनाए जाने से भी विरोध के स्वर उठे हैं। यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ रतन लाल जाट व विधायक बीआर चौधरी उनके समर्थक नाराज हैं हालांकि खुलकर अभी तक कोई सामने नहीं आया है ।

पावटा पूर्व भाजपा प्रदेश महामंत्री कुलदीप धनखड़ को विराटनगर से टिकट नहीं मिलने पर प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। धनखड़ ने 16 नवम्बर को नामांकन दाखिल करने की घोषणा की है। आपको बता दें कि धनखड़ 22 सालों से बीजेपी के साथ थे। उन्होंने अपना त्यागपत्र भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी को भेजा है।

सीकर : बाजिया के टिकट मिलते ही बगावत के सुर
चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया के टिकट मिलने से नाराज दूसरे गुट ने बगावत शुरू कर दी है। बाजिया की टिकट के विरोध में बने मोर्चे ने सोमवार सुबह बैठक कर विरोध की रणनीति बनाई। इसके बाद दोपहर को कस्बे के मुख्य चौक व नगर पालिका के सामने नारेबाजी की। बाजिया के विरोध में भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं किसान मोर्चा के पूर्व सदस्य प्रभात जांगू व पूर्व सरपंच भोलाराम दूधवाल ने चुनाव लडऩे की घोषणा की है। वे दोनों शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने पहली सूची में खंडेला विधायक बंशीधर बाजिया को टिकट दी है। इसके साथ ही इलाके में विरोध शुरू हो गया है। दूसरी तरफ बाजिया विरोधी गुट के पास अभी तक पार्टी ने समझाईश के लिए किसी को नहीं भिजवाया है।

जैतारण में राष्ट्रीय राजमार्ग 112 पर पेट्रोल पम्प के सामने भाजपा पदाधिकारियों ने सुरेन्द्र गोयल को भाजपा प्रत्याशी नहीं बनाने पर विरोध जताया। इसके अलावा भी कई जगहों पर विरोध की खबरें आ रही है।

Updated on:
12 Nov 2018 06:00 pm
Published on:
12 Nov 2018 05:57 pm
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