Rajasthan Budget 2026 : जयपुर राज्य में पहला व्यवस्थित बजट 1924 में बनाया गया। जानिए कैसे किए जाते थे प्रबंध।
Rajasthan Budget 2026 : करीब डेढ़ हजार गांवों और 11 निजामतों की तत्कालीन जयपुर रियासत के तहत 1923 में वित्त मंत्रालय स्थापित कर वार्षिक बजट बनाना शुरू किया गया था। सवाई मानसिंह कम उम्र में राजा बने तब अंग्रेजों के हाथ में सत्ता रही। ऐसे में प्रतिवर्ष मार्च के पहले बजट बना लिया जाता था।
जयपुर राज्य में पहला व्यवस्थित बजट 1924 में बनाया गया। 1880 में सवाई राम सिंह की मृत्यु के समय राज्य की आय 50 लाख रुपए वार्षिक थी। 1907 व 1908 की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार राजस्व 68 लाख 20 हजार 773 रुपए तथा खर्च 64 लाख रुपए था। अब नकद राशि को विभागों में रखने के बजाय कोषागार में रखा जाने लगा।
वर्ष 1923-24 की वास्तविक आय 1 करोड़ 36 लाख 22 हजार 294 रुपए थी। जयपुर राज्य की आय का प्रमुख स्रोत कृषि लगान था। जयपुर राज्य की अपनी टकसाल थी जो चांदी के सिक्के बनाती थी। रियासत काल में सचिवालय, विधानसभा भवन, मेयो व सवाई मानसिंह अस्पताल के अलावा चांदपोल का जनाना अस्पताल खुला। उस समय सेना का खर्चा भी वहन किया जाता था।
सर मिर्जा इस्माइल ने बिड़ला, पोद्दार आदि उद्योगपतियों से अनेक कारखाने खुलवाए। 1948 में 300 कारखाने थे। 1946 में पशु नियंत्रण कानून बना इसमें 10 रुपए जुर्माना रखा गया था। व्यापार धंधों के अलावा तह बाजारी, बैलगाड़ी, ठेला सवारी पर भी कर लगाया। 1953 में गृहकर व चुंगी लगाई गई तब बड़ा जन आंदोलन हो गया।
वर्ष 1927 में महकमा खास के प्रभारी अमरनाथ अटल ने अनाज पर कर लगाया तब जनता सड़कों पर उतर गई थी। जयपुर की जागीरें अयोध्या काशी और अफगानिस्तान तक थीं। 1925 में जगमोहन नाथ रैना प्रभारी। उस समय रियासत में 1,118 स्कूल थे जिसका बजट 12 लाख रुपए था।