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Rajasthan Budget 2026 : दो बार राजस्थान का बजट विधानसभा में नहीं संसद में हुआ था पेश, जानें क्या थी वो चौंकाने वाली वजह

Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान के बजट इतिहास में 2 असाधारण उदाहरण जिन्हें जानकर आप चौंक जाएंगे। दो बार ऐसा हुआ कि जब राजस्थान का बजट राज्य विधानसभा में नहीं, बल्कि संसद में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया।

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Rajasthan budget 2026 was presented twice in Parliament not Assembly know surprising reason

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान के बजट इतिहास में वर्ष 1980-81 और 1992-93 दो ऐसे अध्याय हैं, जिसने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को बल्कि देश की संघीय और संवैधानिक संरचना को भी नई रोशनी में उजागर किया। ये वही वर्ष थे, जब राजस्थान का बजट राज्य विधानसभा में नहीं, बल्कि संसद में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया।

दरअसल, फरवरी 1980 में राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था। इसके चलते राजस्थान विधानसभा भंग थी और सामान्य परिस्थितियों की तरह बजट पेश करना संभव नहीं था। ऐसे में संविधान में निहित प्रावधानों के तहत राज्य के वित्तीय अधिकार संसद को हस्तांतरित हो गए।

इस परिस्थिति में वित्तीय वर्ष 1980-81 के लिए राजस्थान के आय-व्यय प्रस्ताव केंद्र सरकार के वित्त मंत्री ने संसद के पटल पर रखे और संसद ने अप्रैल 1980 से जुलाई 1980 तक के लिए राजस्थान को लेखानुदान की मंजूरी दी।

वर्ष 1993-94 का राज्य बजट किया गया संसद में पेश

दूसरी बार ऐसी स्थिति 15 दिसंबर, 1992 को आई, जब भैरोंसिंह शेखावत सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। प्रदेश में 16 दिसंबर 1992 से 4 दिसंबर 1993 तक करीब एक साल राष्ट्रपति शासन रहा। 1993-94 के लिए राज्य का बजट भी संसद में पेश किया गया।

राजस्थान के बजट इतिहास के असाधारण उदाहरण

राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर (कानून) देवेंद्र कुमार भगत ने बताया कि राजस्थान के बजट इतिहास में यह असाधारण उदाहरण है, जब किसी राज्य का बजट केंद्र सरकार के वित्त मंत्री की ओर से संसद में प्रस्तुत किया गया। सामान्य परिस्थितियों में राज्य का बजट केवल राज्य विधानसभा में ही पेश किया जाता है।