Rajasthan Budget Session 2026: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त जमकर हंगामा हुआ। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त जमकर हंगामा हुआ। जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई सरकारी स्कूल मुर्गी फार्म और अस्पताल जैसी जगहों पर संचालित हो रहे हैं। लेकिन, शिक्षामंत्री का तबादलों पर ध्यान है। जूली के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश 45 हजार से ज्यादा स्कूल भवन जर्जर हैं, लेकिन सरकार का ध्यान नहीं है। कई जगह तो मंदिर, अस्पताल और मुर्गी फार्म में सरकारी स्कूल चल रहे हैं। जर्जर स्कूल गिरने पर इंजीनियरों की जगह शिक्षक को सस्पेंड कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि 45365 में से 41 हजार स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है। 3768 स्कूल भवन जर्जर हैं। जिनमें से 2588 को ही जर्जर घोषित किया है। 41178 स्कूलों में से कितनों में कितना बजट स्वीकृत किया है। अभी जो वैकल्पिक व्यवस्था की है, वह यह है कि बच्चों को 10-10 किलोमीटर दूर भेज रहे है। लेकिन, परिवहन की व्यवस्था नहीं की है।
टीकाराम जूली ने कहा कि कोई एक काम तो कर दीजिए। भवन जर्जर घोषित कर दिया और नया भवन नहीं बना रहे हो। जनवरी के महीने में तबादले कर सकते हो, लेकिन स्कूल भवन नहीं बना सकते। बच्चों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ है और सरकार का तबादलों पर ध्यान है। साथ ही टीकाराम जूली ने तबादले छोड़ स्कूलों पर ध्यान देने की सलाह दी।
वहीं, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उनको जमींदोज किया जाएगा। अभी वार्षिक परीक्षा नजदीक है। जर्जर भवनों के लिए कमेटी बनाई है। डीईओ के पास रिपोर्ट जाती है। एक माह का समय होता है। 18,00 स्कूल भवन जर्जर हैं।
मंत्री मदन दिलावर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी जर्जर स्कूलों को ठीक करने पर ध्यान नहीं दिया। अब हम तय कर रहे हैं कि निर्माण की तिथि, मरम्मत करने की तिथि होगी और अंतिम तिथि भी होगी, ताकि सरकार को ध्यान रहे कि कौनसा भवन कब जमींदोज करनी है। कांग्रेस राज में बिना सोचे-समझे काम होता था। इनके समय में मरम्मत योग्य स्कूल भवनों पर ध्यान नहीं दिया। इसी कारण हमें एक साथ इतने भवनों का निर्माण करने की जरूरत है। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए हम पीछे नहीं हटेंगे और हमारी सरकार चरणबद्ध तरीके से काम करेगी।