Rajasthan Bus Strike: राजस्थान में निजी बसों की हड़ताल के दो दिन हो गए हैं। निजी बस ऑपरेटरों की मांगों पर विभाग सहमत नहीं है। वहीं, बस ऑपरेटर मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।
जयपुर। राजस्थान में निजी बसों की हड़ताल के दो दिन हो गए हैं। निजी बस ऑपरेटरों की मांगों पर विभाग सहमत नहीं है। वहीं, बस ऑपरेटर मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं। इस पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है।
विभाग ने बस ऑपरेटरों को दो टूक कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग और बस ऑपरेटर्स आमने-सामने हो गए हैं। इसी टकराव के बीच बुधवार को बस ऑपरेटरों और विभाग के बीच कोई वार्ता नहीं हुई। गुरुवार को बस ऑपरेटरों की ओर से रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
बस ऑपरेटरों का हड़ताल का बुधवार को असर देखने को मिला। कई जिलों में निजी बसों का संचालन ठप रहा तो कुछ जिलों में हड़ताल का मिला-जुला असर रहा। इधर, हड़ताल का एक असर यह भी रहा कि रोडवेज बसों में यात्री भार 25 फीसदी तक बढ़ गया। रोडवेज ने सभी डिपो ने बसों को अतिरिक्त संचालन के निर्देश जारी कर रखे हैं। जयपुर के सिंधी कैंप पर स्लीपर बसें नहीं चली।
-- नियमों के विपरीत बनाए गए चालानों को विलोपित करने की भी मांग
-- स्टेज कैरिज बस की छत पर माल ढुलाई के प्रावधानों को लागू किया जाए
--सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा बनाए गए सभी नियमों को 1 अप्रेल 2026 से लागू किया जाए
-- एआईटीपी से कवर बसों के लिए अलग टैक्स स्लैब निर्धारित की जाए
बस ऑपरेटरों की जो भी उचित मांगों पर वार्ता करने के लिए तैयार हैं। लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से समझौता विभाग नहीं करेगा।
पुरुषोत्तम शर्मा, आयुक्त, परिवहन विभाग