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Nagariya Nikay Elections : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच राज्य सरकार ने निकायों के आयुक्त, अधिकारियों, महापौर, सभापति तथा वित्तीय समितियों के जनप्रतिनिधियों की वित्तीय शक्तियां बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो 15 दिनों में अपनी अनुशंसा रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर बजट में करीब 50 फीसदी तक बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है, जिसका नियंत्रण फिलहाल प्रशासकों के पास रहेगा। प्रदेश में वर्तमान में 309 नगरीय निकाय कार्यरत हैं।
राजस्थान की 309 नगरीय निकायों में सालाना 5000 से 6000 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाता है। इसमें से करीब आधी राशि दो से ढाई हजार करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च होती है, शेष राशि वेतन भत्ते व अन्य मद में खर्च होती है।
चुनाव नहीं होने के कारण इस राशि को खर्च करने का अधिकार वर्तमान में अफसरों के पास है। समिति की ओर से सिफारिश के बाद इस राशि में करीब 50 फ़ीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना है। चुनाव नहीं होने के कारण वर्तमान में सारे अधिकार अफसर के पास है और अब वे ही इस बढ़ी हुई राशि को खर्च करेंगे।
वर्तमान में बजट में बढ़ोतरी पर सरकार का कहना है कि इससे योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचेगा। प्रस्तावित बदलाव से वित्तीय शक्तियों में वृद्धि के साथ-साथ विभिन्न निकायों में एकरूपता लाने पर भी जोर रहेगा। इसके विपरीत जनप्रतिनिधियों के अभाव में आमजन को कम के लिए निकाय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
1- नगर निगम
अधिकारी - वर्तमान बजट - संभावित बजट
अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त - 25 लाख तक - 40 लाख तक
आयुक्त - 1 करोड़ तक - 1.60 करोड़ तक
महापौर - 2 करोड़ तक - 3 करोड़ तक
वित्त समिति - 5 करोड़ तक - 7 से 9 करोड़ तक
निगम बोर्ड - पूर्ण बजट
2- नगर परिषद
अधिकारी - वर्तमान बजट - संभावित बजट
आयुक्त - 2 लाख तक - 3 लाख तक
सभापति - 50 लाख तक - 75 से 80 लाख तक
वित्त समिति - 1 करोड़ तक - 1.50 करोड़ तक
बोर्ड - पूर्ण बजट
3- नगर पालिका
अधिकारी - वर्तमान बजट - संभावित बजट
कार्यकारी अधिकारी - 1 लाख तक - 1.50 लाख तक
चेयरमैन - 25 लाख तक - 40 लाख तक
वित्त समिति - 50 लाख तक - 1 करोड़ तक
बोर्ड - पूर्ण बजट
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में चार सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इनमें निदेशालय के वित्तीय सलाहकार सदस्य सचिव और नगर निगम जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त, वित्तीय सलाहकार व विधि निदेशालय के निदेशक सदस्य हैं।
Published on:
16 Apr 2026 08:26 am
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