
जयपुर।
राजस्थान में आगामी दिनों में होने जा रहे उपचुनावों और अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने बड़ा वैचारिक बदलाव करने का मन बना लिया है। देश में भाजपा के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए कांग्रेस अब नेतृत्व के साथ वैचारिक रूप से भी बदलती नजर आ रही है। गुजरात के नतीजों के बाद पार्टी ने तय किया है कि धर्मनिरपेक्षता के अपने मुख्य नारे से थोड़ा हटकर हिन्दुत्व की तरफ झुकेगी। इसे लेकर पार्टी आलाकमान ने देशभर में अपने प्रवक्ताओं को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि साम्प्रदायिक मामलों में बयान देते समय विशेष सतर्कता बरतें। ऐसी कोई बयान न दें, जो हिन्दुत्व के विरुद्ध हो।
इस वैचारिक बदलाव का संकेत राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान ही दे दिया था, जब वे एक-एक कर कई मन्दिरों में दर्शन करने गए थे। पार्टी का मानना है कि इसका असर भी हुआ। भाजपा के लिए मुकाबला कड़ा होता गया और कांग्रेस को उत्साहजनक नतीजे मिले। ऐसे में भाजपा से निपटने के लिए पार्टी धर्मनिरपेक्षता के प्रति अब नरमी बरतेगी और हिन्दुत्व की तरफ झुकाव बढ़ाएगी।
ये तय हुई है गाइडलाइन
पार्टी सूत्रों के अनुसार आलाकमान की मंशा बताने के लिए 23 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रस्तर के सभी 55 प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि क्रिसमस और जल्दबाजी में मिले संदेश के कारण कई प्रवक्ता बैठक में नहीं पहुंच पाए। खुद राहुल गांधी भी व्यस्तता के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए। ऐसे में राहुल की ओर से अब वरिष्ठ पदाधिकारियों को ईमेल संदेश भेजे गए हैं। इसमें गाइडलाइन तय करते हुए इसकी पालना के निर्देश दिए गए हैं।
ये दिए गए निर्देश
पार्टी ने राहुल गांधी की ओर से सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि सभी प्रवक्ता पार्टी लाइन से हटकर कोई बयान न दें। मीडिया में जाने से पहले पार्टी मुख्यालय को सूचना दें। भाजपा से मुकाबले के लिए हिन्दुत्व की ओर झुकाव रखें। साम्प्रदायिक मामलों के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और ऐसा कोई बयान न दें जो हिन्दुत्व के विरुद्ध हो।
तीन स्तर, 54 प्रवक्ता
राष्ट्र स्तर पर कांग्रेस में प्रवक्ताओं के 3 स्तर हैं। अभी पार्टी में मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता 8, राष्ट्रीय प्रवक्ता 17 और प्रवक्ता 29 हैं।