
Teej Mata Jaipur : जयपुर में निकली तीज माता की शाही सवारी। फोटो - दिनेश कुमार
Teej Mata Jaipur : सावन का महीना और फिर 80वां स्वतंत्रता दिवस के शानदार मौके पर राजस्थान की राजधानी पिंक सिटी जयपुर में शनिवार शाम प्रसिद्ध तीज माता की शाही सवारी परम्परागत रुप से निकाली गई। सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में पूर्व राजपरिवार की महिला सदस्यों ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज माता की पालकी शाही लवाजमे के साथ त्रिपोलिया गेट पहुंची जहां जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने तीज माता की आरती की। इसके बाद तीज माता की सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई तो त्रिपोलिया गेट से छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार तक जयपुर की ऐतिहासिक गलियां लोकगीतों, वाद्ययंत्रों और जयकारों से गूंज उठीं।
इस बार जयपुर की तीज का रंग परकोटे तक ही सीमित नहीं रहा। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना) के डिजिटल माध्यम से उत्तर अमेरिका में बसे प्रवासी राजस्थानियों तक भी शाही सवारी का लाइव प्रसारण पहुंचा। जयपुर में भी 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए लोगों ने सवारी के लाइव दर्शन किए।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार तीज माता की शाही सवारी जयपुर की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें आस्था के साथ लोककला, संगीत, शौर्य और राजसी विरासत एक साथ दिखाई देती है। इस बार आयोजन को डिजिटल माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग से जोड़ने का प्रयास किया गया।
सवारी के आगे बढ़ने के साथ तीज के पारंपरिक लोकगीतों की स्वर लहरियां वातावरण में घुलती रहीं। कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, चरी और घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक विधाओं ने राजस्थान के अलग-अलग अंचलों की सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 175 लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। घोड़ों और ऊंटों से सजे शाही लवाजमे ने सवारी की राजसी छटा को और भव्य बनाया।
इस दौरान शौर्य सेवा संगठन की बालिकाओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। पारंपरिक तीज उत्सव के बीच बालिकाओं का यह प्रदर्शन राजस्थान की वीर परंपरा और महिला शक्ति का प्रतीक बना। आस्था और उत्सव के साथ सवारी में शौर्य का रंग भी दिखाई दिया।
सवारी छोटी चौपड़ पहुंची जहां तीज माता की महाआरती हुई। जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियों ने वातावरण को और आकर्षक बनाया। जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से तीज माता पर पुष्पवर्षा की गयी। इसके बाद शाही सवारी गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची, जहां कला मेले और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उत्सव को आगे बढ़ाया।
अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिरला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर एलईडी स्क्रीन के जरिए सवारी का लाइव प्रसारण किया गया। इससे परकोटे से दूर रहने वाले जयपुरवासियों को भी तीज माता के दर्शन और शाही सवारी देखने का अवसर मिला।
राना के माध्यम से उत्तर अमेरिका में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों ने भी जयपुर की तीज सवारी का लाइव प्रसारण देखा। राजस्थान की संस्कृति और विरासत से प्रवासी समुदाय को जोड़ने वाली संस्था के डिजिटल माध्यम से जयपुर की यह परंपरा समुद्र पार तक पहुंची।
पर्यटन विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सवारी की लाइव स्ट्रीमिंग की गई थी। शाही सवारी के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा की गयी। सवारी के मार्ग में महल-अटारियों, झरोखों और हवेलियों से तीज माता की पालकी देखने के लिए लोग उमड़े रहे। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी सवारी देखने की विशेष व्यवस्था की गई थी।
Updated on:
15 Aug 2026 09:55 pm
Published on:
15 Aug 2026 09:51 pm
