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Jaipur Cyber Crime: खुद को बैंककर्मी बता सिटीजन कार्ड के फायदे गिनाए, लिंक खोलते ही 23 लाख पार

जयपुर के महेश नगर थाना इलाके में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर 56 वर्षीय बुजुर्ग को सीनियर सिटीजन कार्ड के फायदे बताए और वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी। फाइल पर क्लिक करते ही कुछ ही देर में बैंक खाते से 23 लाख 20 हजार 200 रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकल गए।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Aug 15, 2026

jaipur cyber crime

Jaipur Cyber Fraud: (सांकेतिक फोटो-एआई जेनरेटेड)

जयपुर। साइबर ठगों ने सीनियर सिटीजन कार्ड के फायदे बताकर एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। खुद को बैंक कर्मचारी बताने वाले ठग ने वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी और उसे खोलकर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। बुजुर्ग के फाइल पर क्लिक करते ही बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 23 लाख 20 हजार 200 रुपए निकल गए। खास बात यह है कि रकम खाते से निकलने के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर कोई ओटीपी नहीं आया।

पुलिस के मुताबिक देवी चिरंजीवी कॉलोनी निवासी सुनीश गोयल (56) ने महेश नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

बैंक कर्मचारी बनकर किया फोन

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 अगस्त को उनके पिता जगदीश प्रसाद के मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एयू स्मॉल बैंक का कर्मचारी बताया। उसने बुजुर्ग को सीनियर सिटीजन कार्ड की जानकारी दी और इसके फायदे गिनाए। ठग ने कार्ड बनवाने का झांसा देकर बुजुर्ग को बातचीत में उलझा लिया।

वॉट्सऐप पर भेजी फाइल

ठग ने सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के नाम पर वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी। बुजुर्ग को फाइल खोलकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। शिकायत के अनुसार बुजुर्ग ने वॉट्सऐप पर भेजी गई बीआईएस फाइल पर क्लिक कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही उनके एयू स्मॉल बैंक खाते से अलग-अलग बार में रकम निकलने लगी।

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मैसेज देख परिजनों को चला पता

खाते से रकम निकलने के बाद मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। मैसेज देखने पर परिजनों को बैंक खाते में हुई सेंध का पता चला। जांच में सामने आया कि कुछ ही समय में खाते से कुल 23 लाख 20 हजार 200 रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। महेश नगर थाना पुलिस बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन, रकम किन खातों में गई और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर व डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

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