जयपुर

राजस्थान सरकार: जयपुर से सीएम, दो उपमुख्यमंत्री और एक कैबिनेट मंत्री, जानिए पिछली सरकार में कैसा था जयपुर का प्रभाव

Rajasthan Cabinet Expansion: राज्य की नई सरकार में जयपुर जिले का प्रतिनिधित्व झोटवाड़ा विधायक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही और बढ़ गया है। राठौड़ ने शनिवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।
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Updated: 31 Dec 2023, 8:49 AM IST
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Rajasthan Cabinet Expansion: राज्य की नई सरकार में जयपुर जिले का प्रतिनिधित्व झोटवाड़ा विधायक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही और बढ़ गया है। राठौड़ ने शनिवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलावा तीन सदस्य जयपुर जिले से हो गए हैं। शर्मा सांगानेर से पहली बार विधायक चुनकर सदन में पहुंचे हैं। उनके साथ विद्याधर नगर विधायक दियाकुमारी और दूदू विधायक प्रेमचंद बैरवा को पूर्व में ही उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है।

पूर्व कांग्रेस सरकार में सिविल लाइंस विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास, हवामहल विधायक महेश जोशी और झोटवाड़ा विधायक लालचंद कटारिया कैबिनेट मंत्री रहे थे। कोटपूतली विधायक राजेन्द्र यादव भी राज्य मंत्री के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल थे।

कालीचरण इस बार बाहर
विधानसभा के वरिष्ठतम विधायक कालीचरण सराफ को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। मालवीय नगर से लगातार विधायक निर्वाचित हो रहे सराफ वसुंधरा सरकार में शिक्षा और चिकित्सा मंत्री रह चुके हैं।

सिविल लाइंस का क्रम टूटा
राज्य मंत्रिमंडल में झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को लगातार तीसरी बार प्रतिनिधित्व मिला है। वसुंधरा सरकार में राजपालसिंह शेखावत और अशोक गहलोत सरकार में लालचंद कटारिया के बाद अब भजनलाल सरकार में राज्यवर्धन सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। राज्यवर्धन जयपुर ग्रामीण से दो बार सांसद रहने के अलावा केन्द्र में एक बार मंत्री भी रह चुके हैं। सिविल लाइंस से लगातार तीसरी बार मंत्री बनने का क्रम टूटा है। यहां से पिछली दो सरकारों में अरुण चतुर्वेदी और प्रताप सिंह खाचरियावास कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2008 के परिसीमन में बने विद्याधर नगर क्षेत्र को पहली बार मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री के तौर पर जगह मिली है।

पूर्व सरकार में यों रहा जयपुर का प्रभाव
गहलोत सरकार में आदर्श नगर विधायक रफीक खान राज्य अल्पसंख्यक आयोग और किशनपोल विधायक अमीन कागजी राज्य हज कमेटी के चेयरमैन रहे। मालवीय नगर से कांग्रेस प्रत्याशी रहकर हार का सामना करने वालीं अर्चना शर्मा को भी समाज कल्याण बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था। दूदू से निर्दलीय चुनाव जीते बाबूलाल नागर को भी पूर्व सरकार में मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया था। जबकि जयपुर शहर की राजनीति से जुड़े राजीव अरोड़ा राजस्थान लघु उद्योग विकास निगम के चेयरमैन बनाए गए।

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