अध्यक्ष और चार सदस्यों के पद रिक्त, पुरानी चयन सूची का चार माह बाद भी परिणाम लंबित बच्चों के मामलों की जनसुनवाई और जांच कार्य प्रभावित
अब्दुल बारी/जयपुर। राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर भर्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, आयोग में पिछले 9 माह से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं, जिनके लिए दो बार पूर्व में आवेदन लिए जा चुके हैं। लेकिन उनमें से किसी की नियुक्ति नहीं की गई, वहीं अब फिर से तीसरी बार नई आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल 2025 को आयोग में सदस्य पद के लिए रिक्ति निकाली गई थी। इसके बाद 13 अगस्त 2025 को अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए आवेदन लिए गए। बताया जा रहा है कि उस दौरान करीब दो सौ अभ्यर्थियों ने इन पदों पर आवेदन किया था, लेकिन बाल अधिकारिता विभाग की ओर से किसी भी नाम पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ। वहीं अब फिर एक अध्यक्ष और चार सदस्यों के पदों के लिए 16 फरवरी तक आवेदन मांगे गए हैं।
चर्चा… 'चहेते' नामों को मौका देना चाहते हैं
खास बात यह है कि नई आवेदन प्रक्रिया के नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। अब सवाल उठ रहे हैं कि पुराने आवेदनों पर निर्णय क्यों नहीं हुआ। चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ 'चहेते' नामों को मौका देने के लिए यह प्रक्रिया दोहराई जा रही है। उधर, आयोग में पद रिक्त रहने का सीधा असर बच्चों से जुड़े मामलों पर पड़ रहा है। जनसुनवाई, शिकायतों की जांच और फील्ड विजिट जैसी अहम गतिविधियां प्रभावित हैं।
शैलेन्द्र पंड्या, बाल अधिकार कार्यकर्ता