
Rajasthan Civic Workers Strike Ends: राजस्थान में पिछले कई दिनों से चल रही नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। स्वायत्त शासन विभाग और संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न मांगों पर लिखित सहमति बन गई है। इस समझौते के बाद 1 जुलाई 2026 से हड़ताल को पूर्ण रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस समझौते के तहत बेरोजगारों और संविदा कर्मियों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि 25 जुलाई 2026 तक सफाई कर्मचारी भर्ती की नई विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी।
शासन सचिव महोदय की अध्यक्षता में आयोजित इस संयुक्त बैठक में तय हुआ है कि सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत पारंपरिक रूप से सफाई कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए नगरीय निकायों में कम से कम 1 वर्ष का सफाई कार्य का अनुभव होना अनिवार्य किया गया है। यदि निकाय स्तर पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलते हैं, तो ही अन्य संस्थाओं में 1 वर्ष का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
शासन सचिव महोदय की अध्यक्षता में आयोजित इस संयुक्त बैठक में भर्ती के नियमों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं। नए नियमों के तहत सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत पारंपरिक रूप से सफाई कार्य करने वाले (वाल्मीकि समाज आदि) अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्राथमिकता का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों के पास नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद आदि) में कम से कम 1 वर्ष का सफाई कार्य करने का अनुभव होना अनिवार्य है।
यदि निकाय स्तर पर पर्याप्त संख्या में योग्य और अनुभवी अभ्यर्थी नहीं मिलते हैं, तभी अन्य निजी या सरकारी संस्थाओं में न्यूनतम 1 वर्ष का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा और उन्हें भर्ती में शामिल किया जाएगा। यह सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से लॉटरी सिस्टम के माध्यम से आयोजित की जाएगी, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
बैठक में संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। समझौते के मुताबिक, जो संविदा सफाई कर्मचारी इस भर्ती में चयनित होंगे, उन्हें राजस्थान कॉन्ट्रेक्चूअल हायरिंग रूल्स, 2022 के दायरे में लाया जाएगा। इन नियमों के तहत जब कर्मचारी कम से कम 03 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर लेंगे, तब उनके मामलों (स्थायीकरण या आगे की प्रक्रिया) को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। इसके साथ ही, नगर निगम भरतपुर में सफाई कर्मचारियों को अनुबंध पर रखने के संबंध में जो पद्धति अपनाई गई थी, अब उसी सफल पद्धति को राज्य के सभी निकायों में लागू करवाया जाएगा।
भर्ती वर्ष 2012 और वर्ष 2018 से जुड़े सफाई कर्मचारियों के कई मामले अभी भी माननीय न्यायालयों में लंबित हैं। इनके जल्द निपटारे के लिए विभाग ने दिनांक 23.10.2024 को संबंधित उपनिदेशक (क्षेत्रीय), स्थानीय निकाय विभाग की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था।
अब इस समझौते में यह तय हुआ है कि इस कमेटी की प्रत्येक संभागवार बैठक में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा नामित एक-एक प्रतिनिधि/सदस्य को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। उनकी उपस्थिति में ही बैठकें होंगी ताकि कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।
कर्मचारियों के हक में सबसे बड़ा और तुरंत राहत देने वाला फैसला यह रहा कि सरकार ने आंदोलन की पूरी अवधि को 'सवैतनिक अवकाश' मानने पर सहमति दे दी है। इसका मतलब यह है कि हड़ताल के दिनों का सफाई कर्मचारियों का कोई भी वेतन नहीं काटा जाएगा और उन्हें पूरे दिन के पैसे मिलेंगे। इस समझौते के संपन्न होने के साथ ही आज यानी 1 जुलाई 2026 को सफाई श्रमिकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है, जिससे शहरों में एक बार फिर सफाई व्यवस्था सुचारू हो सकेगी।