Rajasthan CM Ashok Gehlot Announcement : रक्षाबंधन पर बहनों के लिए आई एक और Good News, सीएम अशोक गहलोत ने कर दी ये बड़ी घोषणा
जयपुर।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक और राहत भरी खबर आई है। दरअसल, राजस्थान रोडवेज में एक दिन की निशुल्क यात्रा की अवधि को एक दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। ऐसे में अब महिलाएं और बालिकाएं बुधवार के बाद गुरुवार को भी रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
सीएम गहलोत ने की घोषणा
राजस्थान रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की अवधि एक दिन और बढ़ाए जाने की आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की। सीएम गहलोत ने गुरुवार दोपहर ट्वीट करते हुए ये घोषणा की। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'रक्षाबंधन का मुहूर्त रात्रिकालीन होने के कारण हमारी बहन, बेटियां और माताएं आज के साथ कल भी यात्रा करेंगी। इसको ध्यान में रखकर इस वर्ष रक्षा बंधन के पर्व पर 30 अगस्त के साथ 31 अगस्त को भी बालिकाओं व महिलाओं हेतु राजस्थान राज्य परिवहन निगम की समस्त श्रेणी की बसों में संपूर्ण राज्य में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।'
इन बसों में निशुल्क यात्रा
राजस्थान रोडवेज की साधारण और एक्सप्रेस श्रेणी की करीब 2 हज़ार 900 बसों में नि:शुल्क यात्रा की जा सकेगी। जबकि सेमी डीलक्स, स्लीपर, वोल्वो श्रेणी की करीब 200 बसों में किराया देना होगा। निशुल्क यात्रा केवल राजस्थान की सीमा में ही की जा सकेगी।
पत्रिका की खबर का असर
पत्रिका ने बुधवार के अंक में 'राखी बांधने फ्री जाएंगी, लौटते समय देना होगा किराया' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था कि रक्षाबंधन पर सरकार ने महिलाओं व बालिकाओं को रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा का तोहफा तो दिया है, मगर ये आधा-अधूरा है। महिलाएं राखी बांधने अपने भाई के घर बसों से नि:शुल्क जा पाएंगी, लेकिन लौटते समय उन्हें किराया देना पड़ेगा।
दरअसल, ज्योतिषीय मत के अनुसार 30 अगस्त को राखी बांधने का मुहूर्त रात 9 बजे के बाद का है। वहीं, रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा की छूट 30 अगस्त को रात 12 बजे तक की ही थी। महिलाएं राखी बांधकर रात 12 बजे तक घर नहीं लौट पातीं। इसका कारण यह है कि 60 फीसदी जिलों से शाम 6-7 बजे बाद राजधानी जयपुर के लिए भी बस नहीं चलती है। दूसरी तरफ कुछ स्थानों व मंदिरों में 31 अगस्त को भी रक्षाबंधन मनाई जायेगी। ऐसे में वहां भी 31 अगस्त को महिलाएं राखी बांधेंगी। उन्हें भी बसों में किराया देना पड़ेगा।