जयपुर

सीएम भजनलाल का ‘सुरक्षा घेरा’ अचानक बदला, महिला कमांडोज ने संभाली कमान, जानें क्या है बड़ी वजह?

राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक सुरक्षा के गलियारों से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सुरक्षा घेरा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया, जहां कमांडो से लेकर वायरलेस ऑपरेटर तक की कमान केवल महिला पुलिसकर्मियों के हाथों में थी।

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Mar 09, 2026

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को एक सशक्त संदेश देने के लिए अनूठी पहल की। आमतौर पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में पुरुष पुलिसकर्मियों और कमांडोज का दबदबा रहता है, लेकिन रविवार को नजारा बिल्कुल अलग था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारियों और जवानों को सौंपी गई।

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मुख्यमंत्री का 'पिंक सुरक्षा कवच': महिला कमांडोज ने संभाली जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री के आवास से लेकर उनके विभिन्न कार्यक्रमों के स्थलों तक, सुरक्षा की कमान महिलाओं ने संभाली।

  • अग्रिम सुरक्षा दल (Advance Security): सीएम के पहुंचने से पहले आयोजन स्थल की जांच और घेराबंदी महिला पुलिसकर्मियों ने की।
  • पायलट और एस्कॉर्ट: मुख्यमंत्री के काफिले के आगे चलने वाली पायलट गाड़ी और सुरक्षा वाहनों में ज़्यादातर महिला जवान तैनात रहीं।
  • कमांडो सुरक्षा: सीएम के सबसे करीब रहने वाले सुरक्षा घेरे में महिला कमांडोज ने अपनी मुस्तैदी दिखाई।
सीएम सिक्यूरिटी में तैनात महिला कमांडोज़

मुख्यमंत्री का संदेश: 'नारी शक्ति ही राजस्थान की शक्ति है'

इस खास बदलाव पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह केवल एक दिन का बदलाव नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों की क्षमता पर हमारे विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने सार्वजनिक संबोधन में कहा कि राजस्थान की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं, और सुरक्षा जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य में उनकी दक्षता पर हमें गर्व है।

मुख्यमंत्री ने इस पहल के जरिए यह संदेश दिया कि राज्य की 'डबल इंजन' सरकार महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सीएम सिक्यूरिटी में तैनात महिला कमांडोज़

ट्रेनिंग और प्रोफेशनलिज्म का दिखा दम

सुरक्षा घेरे में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने अपने बेहतरीन अनुशासन और पेशेवर रवैये से सबका दिल जीत लिया। भीड़ नियंत्रण से लेकर वीआईपी सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल तक, हर मोर्चा बखूबी संभाला। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से वीआईपी सुरक्षा की ट्रेनिंग दी गई है, और उन्होंने अपनी काबिलियत को साबित कर दिखाया।

सीएम सिक्यूरिटी में तैनात महिला कमांडोज़

सोशल मीडिया पर 'भजनलाल मॉडल' की तारीफ

जैसे ही मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे में महिला जवानों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। लोगों ने इसे 'सशक्तिकरण का सच्चा उदाहरण' बताया। राजस्थान की जनता के बीच यह चर्चा का विषय रहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह के प्रतीकात्मक लेकिन प्रभावशाली कदम के जरिए महिलाओं का मान बढ़ाया है।

सीएम सिक्यूरिटी में तैनात महिला कमांडोज़

राजस्थान पुलिस में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री की इस पहल को राजस्थान पुलिस के आधुनिकीकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में पुलिस के हर विंग में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि वे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी हिस्सा बन सकें।

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Published on:
09 Mar 2026 10:11 am
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