जयपुर

Rajasthan Politics: कांग्रेस विधायकों से वन टू वन में सामने आया फीडबैक, चुनाव जीतने के लिए ये भी जरूरी

Rajasthan Politics: कांग्रेस के संभागवार फीडबैक के दौरान उभर कर आया है कि गहलोत सरकार ने विकास के काम बहुत किए हैं और योजनाएं भी अच्छी हैं, लेकिन चुनाव जीतने के लिए जातिगत और धार्मिक समीकरणों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
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Updated: 21 Apr 2023, 9:02 AM IST
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जयपुर. Rajasthan Politics: कांग्रेस के संभागवार फीडबैक के दौरान उभर कर आया है कि गहलोत सरकार ने विकास के काम बहुत किए हैं और योजनाएं भी अच्छी हैं, लेकिन चुनाव जीतने के लिए जातिगत और धार्मिक समीकरणों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। ये बात मंत्री मुरारीलाल मीणा ने भी मानी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कई बार एक घटना भी सारे किए कराए पर पानी फेर देती है। मुरारीलाल ने ये भी कहा कि जो मंत्री या विधायक पार्टी के सर्वे में चुनाव नहीं जीत रहे हैं, उनके टिकट काट देने चाहिए। वहीं रामप्रसाद मीना मामले पर महेश जोशी पर लगे आरोपों और इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर फैसला होना चाहिए ।


मरता हुआ आदमी झूठ नहीं बोलता

मीणा ने पीसीसी के वॉर रूम में विधायकों के फीडबैक देने के बाद मीडिया से बातचीत में रामप्रसाद मीणा के मामले को लेकर कहा कि मरते समय आदमी झूठ नहीं बोलता है और काेई कितना ही बडा आदमी हो, जांच होनी चाहिए। आरोपी है तो उस पर कार्रवाई हों, हम पर भी समाज का दबाव है कि सरकार में रहते हुए क्या कर रहे हो। यहीं नहीं रामप्रसाद की मौत के मामले को लेकर हमने प्रभारी रंधावा और मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी है । मीणा ने कहा कि समाज का अधिकांश वोट कांग्रेस पार्टी को ही जाता है। इस घटना से समाज में आक्रोश है इसलिए इसका जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए और न्याय दिखना भी चाहिए।


पायलट पार्टी के लिए एसेट

वहीं सचिन पायलट की कार्यशाला में गैरमौजूदगी को लेकर मीणा ने कहा कि पायलट दिल्ली में व्यस्त थे इसलिए नहीं आ पाए, आज जयपुर आए हैं और पायलट बड़े जनाधार वाले नेता हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कह चुका है वो एसेट हैं।

गुढ़ा को आलाकमान की हिदायत
बीकानेर और जयपुर संभाग के विधायकों ने सीएम अशोक गहलोत, प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गाेविंद डोटासरा के सामने चुनाव जीतने के लिए फीडबैक दिया, इस दौरान बेबाक बयानबाजी करने वाले मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने भी झुंझुनूं जिले काे लेकर अपनी राय दी और जब बाहर आए तो मीडिया से बात नहीं की, बताया जा रहा है कि प्रभारी ने चुप रहने की हिदायत दी है।

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