
Rajasthan : राजस्थान में गुरुवार को शुरू हुए 16वीं विधानसभा के छठे सत्र के दौरान विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने जनता के मुद्दों व विधानसभा के द्वार संख्या 6 से प्रवेश को लेकर वहां धरना दिया और प्रदर्शन किया। इससे पूर्व नेता टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। विधानसभा के बाहर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन और मार्च पर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा, उन्हें (विपक्ष के नेताओं) सदन में आना चाहिए था। आज विधानसभा चल रही थी और वे नहीं आए तो यह बहुत खेद की बात है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर राज्य सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा, स्वच्छ लोकतंत्र का यह तकाजा है कि आपका कोई भी विचार है या मांग हो, आप शालीनतापूर्वक तरीके से उसे सदन में रखें और आप जब सदन में तथ्यात्मक तरीके से अपनी बात रखेंगे तो सत्ता पक्ष को निश्चित रूप से उस पर विचार करने को विवश होना पड़ेगा मगर वो नहीं चाहते हैं। उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है। उन्हें सिर्फ हंगामा खड़ा करना था। उन्होंने अपने आचरण से इसे साफ कर दिया।
झाबर सिंह खर्रा ने आगे कहा, कांग्रेस की जिस तरह की नीतियां हैं और वंदे मातरम् एवं अपने मातृभूमि के प्रति उनका जिस प्रकार का आचार-विचार और भाव है, उनके इस आचरण से पूरी तरह से साफ हो गया कि उन्हें मातृभूमि से प्यार नहीं है, उन्हें सिर्फ सत्ता में रहने से प्यार है।
डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा मैं हमारे मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करना चाहता हूं। उन्होंने रक्षा बंधन के अवसर पर 2 दिनों के लिए महिलाओं को बस में निशुल्क सफर करने की छूट दी है ताकि वे अपने संबंधियों और भाइयों के यहां जाकर रक्षा बंधन का त्योहार मना सकें।
राजस्थान में गुरुवार को शुरू हुए सोलहवीं विधानसभा के छठे सत्र के दौरान विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने जनता के मुद्दों एवं विधानसभा के द्वार संख्या छह से प्रवेश को लेकर वहां धरना दिया और प्रदर्शन किया।
सत्र की पूर्वाह्न 11 बजे शुरुआत से पहले ही प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में मीडिया की बिना अनुमति के प्रवेश पर रोक के मुद्दे और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। विधानसभा में प्रवेश के दौरान अवरोधक लगाकर विधायकों को द्वार पर रोक दिया गया। बाद कांग्रेस विधायकों ने इसी द्वार से सदन में नहीं जाने देने का आरोप लगाते हुए द्वार के बाहर धरना दे दिया और नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, टीकाराम जूली एवं हरीश चौधरी सहित कई कांग्रेस विधायक एवं नेता विधानसभा गेट के बाहर धरने पर बैठे।
इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें विधानसभा के द्वार संख्या छह पर ताले लगाकर अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इसी द्वार से सदन में जाते रहे हैं और आज अचानक क्या हो गया कि उन्हें इस द्वार से अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। अगर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है तो वे बाहर ही बैठेंगे। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। सदन की कार्यवाही 11 बजकर 22 मिनट पर शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित होने के बाद विपक्ष के सदस्यों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।