
जयपुर: वागड़ में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बढ़ते प्रभाव से कमजोर हुए अपने जनाधार को वापस हासिल करने के लिए कांग्रेस ने अब मानगढ़ धाम को सियासी हथियार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से इनकार करने पर कांग्रेस आदिवासी क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने जा रही है।
बता दें कि पार्टी की रणनीति है कि पंचायत-निकाय चुनाव से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक इस मुद्दे को लगातार गरम रखा जाए और इसके जरिए भाजपा के साथ-साथ बीएपी के बढ़ते प्रभाव को भी चुनौती दी जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आदिवासी बहुल जिलों के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मानगढ़ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए हैं।
पार्टी की ओर से बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सलूंबर सहित आदिवासी बहुल इलाकों में विरोध-प्रदर्शन शुरू किए गए हैं। पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक अगले दो-तीन दिन में प्रस्तावित है। इसमें पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियों के साथ क्षेत्रवार दौरे, सभाओं और स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान से जोड़ने पर रणनीति तय की जाएगी।
कांग्रेस की नजर वागड़ में अपने परंपरागत आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करने पर है। पिछले दिनों पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के नेतृत्व में बांसवाड़ा के बीएपी कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के दौरान पार्टी नेताओं ने बीएपी से जुड़े लोगों से कांग्रेस में लौटने की अपील की थी। अब मानगढ़ के जरिए कांग्रेस आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय भावनाओं को लामबंद करने की कोशिश कर रही है।
पंचायत-निकाय चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने जिला और विधानसभा स्तर के प्रभारियों से क्षेत्रवार प्रमुख मुद्दों की जानकारी जुटाई है। अब इन्हीं मुद्दों के आधार पर चुनावी सभाओं और क्षेत्रीय दौरों का खाका तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस की कोशिश है कि मानगढ़ के साथ स्थानीय समस्याओं को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाए।
जहां 1900 आदिवासियों ने शहादत दी थी, उस मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से केंद्र सरकार ने इनकार कर वादाखिलाफी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानगढ़ दौरे के दौरान चारों राज्यों से बात कर इसे वैश्विक मानचित्र पर विकसित करने की बात कही थी। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र चारों राज्यों में भाजपा की सरकार है। हमारी पिछली कांग्रेस सरकार ने मानगढ धाम के लिए 100 करोड़ रुपए दिए थे। चुनाव में क्षेत्र की जनता को बताएंगे कि भाजपा ने किस तरह वादाखिलाफी की है।
-गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष