जयपुर

Rajasthan Solar Industry : 1 जून से लागू होगा डीसीआर नियम, भारतीय सेल अनिवार्यता से सोलर कंपनियां परेशान

Rajasthan Solar Industry : सरकार ने फैसला किया है कि 1 जून से ऐसे सोलर मॉड्यूल ही मान्य होंगे, जिनमें इस्तेमाल होने वाले सोलर सेल भारत में ही बने हों। जिससे एमएसएमई कंपनियां परेशान हो गईं हैं।
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Rajasthan DCR rules implemented 1 June Indian Cell requirement Solar MSM Industry worries
Rajasthan Solar Industry : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan Solar Industry : सरकार ने फैसला किया है कि 1 जून से ऐसे सोलर मॉड्यूल ही मान्य होंगे, जिनमें इस्तेमाल होने वाले सोलर सेल भारत में ही बने हों। इसे डीसीआर (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) कहा जाता है। यानी अब विदेश से आए सोलर सेल (नॉन डीसीआर) लगाकर बने मॉड्यूल वाले प्रोजेक्ट्स को कमीशन की अनुमति नहीं मिलेगी। समस्या यह है कि भारत में अभी बहुत कम कंपनियां सोलर सेल बनाती हैं। देश में सिर्फ 5-6 बड़ी कंपनियां ही सेल मैन्युफैक्चरिंग कर रही हैं, जबकि 150 से ज्यादा छोटी और मध्यम कंपनियां (एमएसएमई) विदेश से आने वाले सेल पर निर्भर हैं, जो बड़ी कंपनियां भारत में सेल बनाती भी हैं, वे अपने उत्पादन का ज्यादातर हिस्सा खुद के सोलर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल कर लेती हैं।

इससे बाकी कंपनियों को भारतीय सेल (Cell) आसानी से नहीं मिल पाते। नई सोलर सेल फैक्ट्री लगाना भी आसान नहीं है, क्योंकि इसमें 400 से 500 करोड़ रुपए तक का बड़ा निवेश चाहिए। इसलिए छोटी कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि अचानक नियम लागू होने से उनका कारोबार प्रभावित होगा और कई प्रोजेक्ट अटक सकते हैं।

डीसीआर-नॉन डीसीआर की कीमतों भारी अंतर

बाजार में कीमतों की बात करें तो डीसीआर और नॉन डीसीआर मॉड्यूल की कीमतों में भारी अंतर है। डीसीआर मॉड्यूल की कीमत जहां 24 रुपए प्रति वॉट है, वहीं नॉन डीसीआर आधी कीमत पर 16 रुपए प्रति वॉट है।

एक साल आगे बढ़ाने की अपील

राजस्थान सोलर एसोसिएशन की ओर से एएलसीएम-2026 के तहत इस मुद्दे पर विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के करीब 300 से ज्यादा उद्योगपतियों, निवेशकों और सोलर पैनल निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इसमें सभी प्रतिभागियों ने सरकार से डीसीआर की अनिवार्यता को एक साल के लिए आगे बढ़ाने की अपील की।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रुक जाएगी गति - नितिन अग्रवाल

राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ नितिन अग्रवाल का कहना है कि डीसीआर अनिवार्य होने से देश के पूरे सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गति रुक जाएगी। इससे 125 सोलर मॉड्यूल निर्माता और 500 से ज्यादा एंसिलरी कंपनियों का कारोबार ठप हो जाएगा।

हम 'मेक इन इंडिया' के पूर्ण समर्थक - मनोज गुप्ता

राजस्थान सोलर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि हम 'मेक इन इंडिया' के पूर्ण समर्थक हैं, लेकिन जब तक भारतीय सेल की आसान उपलब्धता नहीं हो तब तक इसकी अनिवार्यता को थोपना नहीं चाहिए।

Updated on:
29 May 2026 12:16 pm
Published on:
29 May 2026 12:16 pm