
Rajasthan Deputy CM Oath: राज्य में नई सरकार का गठन शुक्रवार को हो गया। दूदू से भाजपा विधायक डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अल्बर्ट हॉल के सामने रामनिवास बाग में उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ विद्याधर नगर विधायक दीया कुमारी ने भी उप मुख्यमंत्री पद शपथ ली। प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा में भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री का चौदहवां चेहरा होंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केन्द्रीय मंत्री और आधा दर्जन से अधिक राज्यों के मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में हुआ।
भारतीय जनता पार्टी दूदू से भाजपा विधायक डॉ.प्रेमचंद बैरवा को उप मुख्यमंत्री चुना है। जिला पार्षद से राजनैतिक सफर शुरू करने वाले बैरवा डिप्टी सीएम पद तक पहुंचे हैं। बैरवा दूसरी बार विधायक बने हैं और उन्होंने इस बार गहलोत सरकार में सीएम के सलाहकार रहे बाबूलाल नागर को बड़े अंतर से पराजित किया है। 54 वर्षीय प्रेमचंद ने भाजपा में दूदू ब्लॉक संगठन से राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्हें भाजपा में एससी मोर्चा का जयपुर ग्रामीण का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस बार यह भी खास रहा कि मतगणना में पहला जीत का परिणाम भी प्रेमचंद बैरवा ही रहा था। इसके बाद अन्य सीटों की घोषणा हुई थी।
2013 में लड़ा पहला विधानसभा चुनाव
एक सामान्य दलित परिवार में जन्मे डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने साल 2000 में दूदू के वार्ड 15 से जिला परिषद सदस्य के तौर पर चुनाव जीत दर्ज कर राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत की। प्रेम चंद बैरवा मौजमाबाद तहसील के श्रीनिवासीपुरा के रहने वाले हैं। प्रेमचंद ने स्नातकोत्तर के बाद पीएचडी की और इसके बाद राजनीति में प्रवेश किया। 2008 में प्रेमचंंद जिला भाजपा के टिकट पर जिला परिषद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। प्रेम चंद बैरवा ने पहला विधानसभा चुनाव 2013 में लड़ा और कांग्रेस के हजारीलाल नागर को हराया। 2018 में प्रेम चंद बैरवा कांग्रेस के बाबूलाल नागर से चुनााव हार गए। 2023 के विधानसभा चुनाव में सीएम के सलाहकार रहे बाबूलाल नागर को भाजपा के डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने करारी शिकस्त दी।
पार्टी संगठन और आरएसएस के करीबी हैं भजन लाल शर्मा
भाजपा ने पहली बार के विधायक भजन लाल शर्मा को राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री नामित किया। भरतपुर के निवासी होने के कारण चुनाव से पहले सांगानेर में कुछ लोगों ने शर्मा को 'बाहरी' करार दिया था। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों से हराकर भारी अंतर से जीत हासिल की। भजन लाल शर्मा पार्टी संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दोनों के करीबी माने जाते हैं।