
भवनेश गुप्ता
जयपुर. चुनाव हैं, लडऩे वाले प्रत्याशियों को मतदाताओं तक पहुंचने के लिए दौडऩा तो पड़ेगा। लेकिन इसके लिए अब सिर्फ 15 दिन रह गए हैं। इस दौरान रोजाना 14 घंटे लगातार प्रचार पर रहें तो भी उनके पास केवल 210 घंटे का समय बचा है जबकि एक-एक विधानसभा क्षेत्र में हजारों मकान हैं। ऐसे में 'नेताजीÓ हर घर तक पहुंच पाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। किसे कितना दौडऩा पड़ेगा, इसे समझने के लिए राजस्थान पत्रिका ने शहर की 7 सीटों की पड़ताल में सामने आया कि प्रत्याशियों की सर्वाधिक लम्बी दौड़ सांगानेर में होगी। यह सीट 60 वर्ग किमी तक फैला हुई है। सबसे कम दौड़-धूप किशनपोल के प्रत्याशियों की होगी। इलाका 5.7 वर्ग किमी में सिमटा है।
दौड़-धूप से जुड़ा मोटा-मोटा गणित
- 240 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है शहर की 7 सीटों का दायरा
- 15 दिन में पूरी करनी होगी प्रत्याशियों को यह दौड़ क्योंकि 7 दिसम्बर को चुनाव हैं
- 05 लाख से ज्यादा मकान हैं इन सातों सीटों को मिलाकर
- 247 प्रत्याशी मैदान में हैं जयपुर शहर से जुड़ी 7 सीटों पर
(सबसे कम मतदाता किशनपोल क्षेत्र में, सर्वाधिक मतदाता विद्याधरनगर में हैं)
इनके लिए चुनौती
पहली बार मैदान में उतरने वालों सहित कई प्रत्याशियों के लिए 15 दिन में समूचे क्षेत्र तक पहुंचना चुनौती से कम नहीं होगा। इनमें वे प्रत्याशी भी हैं जो पहले चुनाव लड़ चुके हैं पर इस बार सीट अलग है।
जारी है मनाने का दौर
हालांकि विधानसभा चुनाव में नाम वापसी की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है। ऐसे में राजनीतिक दल अपने लाभ-हानि के हिसाब से बागियों और निर्दलीयों को मनाने में जुटे भी हुए हैं।