जयपुर

Rajasthan Electricity Update: राजस्थान में बिजली उत्पादन होगा महंगा, जानें वजह

Rajasthan Cheap Electricity: राजस्थान में थर्मल पावर प्लांट से बनने वाली बिजली कुछ महंगी हो सकती है।

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Jan 26, 2026
थर्मल पावर प्लांट। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में थर्मल पावर प्लांट से बनने वाली बिजली कुछ महंगी हो सकती है। कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास मिलाकर बिजली उत्पादन करना अनिवार्य किए जाने से उत्पादन लागत में 5 से 7 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी का अनुमान है। कोयले के साथ ईंधन के रूप में बायोमास के उपयोग की अनुमति को लेकर राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर की है। उत्पादन निगम ने याचिका में विद्युत मंत्रालय के आदेश का हवाला दिया है। इसके तहत थर्मल पावर प्लांट में कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास का उपयोग करना जरूरी है।

इसका उद्देश्य कोयले से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। बायोमास की खरीद 2.37 रुपए प्रति हजार किलो कैलोरी की दर से की जानी है। इसके अलावा बायोमास को प्लांट तक लाने का परिवहन खर्च भी अलग से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में राज्य विद्युत उत्पादन निगम की कुल 7580 मेगावाट क्षमता की 23 थर्मल यूनिट संचालित हैं। इनमें सालाना करीब 300 लाख टन कोयले की खपत हो रही है। बायोमास मिलाने से पर्यावरण को फायदा होगा, लेकिन इसका असर बिजली की कीमत पर पड़ना भी संभावित है। अब आयोग इस याचिका पर विचार करेगा।

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निगम का यह तर्क

-मौजूदा टैरिफ नियमों में बायोमास से जुड़े खर्चों को लेकर भी स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। बायोमास पर होने वाले खर्च को पूंजी लागत, अतिरिक्त पूंजीकरण या ईंधन की कुल लागत शामिल है।
-बायोमास की अनिवार्यता बाद में है, इसलिए इसे चेंज-इन-लॉ माना जाए।
-केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और कई राज्य आयोगों ने बायोमास से जुड़ी लागत को टैरिफ में शामिल करने की अनुमति दी है। राजस्थान सरकार की इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी भी बायोमास को प्रोत्साहित करती है।
-एनटीपीसी सहित अन्य संयंत्रों के अनुभवों का अध्ययन किया। कुछ यूनिट में 5-10 प्रतिशत तक बायोमास ब्लेंडिंग तकनीकी रूप से संभव पाई गई। मिल, बॉयलर, तापमान, सेफ्टी सिस्टम से जुड़े मानक तय किए गए हैं। यानी, तकनीकी रूप से भी उपयोगी है।

पर्यावरण के लिए जरूरी…

-कार्बन उत्सर्जन घटाने में सहायक होगा
-पराली, कृषि अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण में कमी

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