जयपुर

पेट गेहूं से भरता है, काजू से नहीं… बजट से मायूस राजस्थान के किसान

केंद्रीय बजट 2026-27 में एमएसपी, फसल बीमा और गेहूं जैसी फसलों की अनदेखी से राजस्थान के किसान नाराज, बजट को कॉरपोरेट समर्थक बताया।

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Feb 02, 2026
Photo- Ai Generated

जयपुर: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राजस्थान के किसानों और किसान संगठनों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि इस बजट में न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की कोई घोषणा की गई है और न ही एमएसपी पर फसलों की कानूनी गारंटी का कोई जिक्र किया गया है। किसान नेताओं का आरोप है कि बजट में किसानों की जमीनी समस्याओं की अनदेखी की गई है।

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कृषि पर सिर्फ 5 फीसदी खर्च, किसान मायूस

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुल 53.47 लाख करोड़ रुपये के बजट में से केवल 2.84 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 5.31 प्रतिशत राशि ही कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए रखी गई है, जबकि देश की लगभग 75 प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि बजट किसानों के कल्याण से ज्यादा बड़े कॉरपोरेट घरानों के पूंजी विस्तार पर केंद्रित नजर आता है। ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं से इसका कोई सीधा संबंध नहीं दिखता।

केवल उच्च मूल्य वाली फसलों पर दे रहे जोर

रामपाल जाट ने कहा कि बजट भाषण में बार-बार काजू, बादाम, कॉफी और कोको जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का जिक्र किया गया, जबकि राजस्थान जैसे राज्यों की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। श्रीगंगानगर के किसान नेता सुभाष सहगल ने सवाल उठाते हुए कहा, "श्रीगंगानगर या कोटा में किसान काजू कैसे उगाएंगे? यहां की मिट्टी गेहूं और सोयाबीन के लिए जानी जाती है। हर व्यक्ति रोज गेहूं खाता है, लेकिन इसके लिए उचित दाम देने की कोई गारंटी नहीं है। भाषणों में काजू अच्छे लगते हैं, लेकिन पेट तो गेहूं से ही भरता है।"

मौसम की मार और बीमा पर चुप्पी

दौसा जिले के किसान कमल मीणा ने कहा कि किसानों को कम से कम फसल बीमा को लेकर किसी घोषणा की उम्मीद थी। हाल के वर्षों में बारिश और ओलावृष्टि जैसी चरम मौसमी घटनाओं से किसानों की फसलें कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो जाती हैं। उन्होंने कहा, "हमारी मेहनत एक झटके में खत्म हो जाती है, लेकिन बजट भाषण में हमारे इस दर्द का कोई जिक्र तक नहीं है।"

किसान नेताओं का मानना है कि जब तक किसानों की आय नहीं बढ़ेगी, तब तक मांग आधारित आर्थिक विकास संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से एमएसपी बढ़ाने, फसल खरीद की गारंटी और किसानों को मौसम से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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Updated on:
02 Feb 2026 05:02 pm
Published on:
02 Feb 2026 04:52 pm
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