जयपुर

Rajasthan : किसानों के लिए खुशखबर, राजस्थान में 130 गोदामों का निर्माण पूरा, 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र शुरू

Rajasthan : शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र चल रहे हैं। इनसे छोटे एवं सीमांत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर और बीज बोने के यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
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Updated: 27 Oct 2026, 5:57 PM IST
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Rajasthan : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व अन्य। फोटो DIPR

Rajasthan : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में किसानों को बेहतर भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने और बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में सहकारिता विभाग की विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना एवं एनसीओएल, एनसीईएल तथा बीबीएसएसएल की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गोदामों के निर्माण और उपयोग, किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा सहकारी समितियों की गतिविधियों की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि सहकारिता क्षेत्र में बनाए गए गोदामों का संचालन समय पर शुरू किया जाए ताकि किसानों को भंडारण की सुविधा मिल सके। उन्होंने राज्य के क्षेत्रवार विशेष उत्पादों यथा- सोजत की मेहंदी, बांरा का चावल, नागौर की मैथी एवं जीरा, मथानिया की मिर्च आदि को बढ़ावा देने व विदेशों में निर्यात की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए।

70 गोदामों का जारी है काम - डॉ. समित शर्मा

बैठक में शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रदेश में इस योजना के तहत 130 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है। 70 गोदामों का काम जारी है। इन गोदामों का उपयोग समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज, राशन के अनाज, बीज और उर्वरकों के भंडारण में किया जा सकता है। समितियों द्वारा स्वयं उपयोग करने के साथ गोदामों को किराये पर देने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई।

प्रदेश में चल रहे हैं 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र

डॉ. समित शर्मा ने बताया कि राजस्थान में सहकारी समितियों के माध्यम से 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र चल रहे हैं। इनसे छोटे एवं सीमांत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर और बीज बोने के यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे किसानों को महंगे यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं होती है और खेती की लागत घटाने में मदद मिलती है। तीस लाख रुपए लागत वाले केंद्र की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के माध्यम से समितियों को गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती और कृषि उपज के निर्यात से जोड़ने की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागौर में जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रमाणन और बाजार की सुविधा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

श्रीगंगानगर : वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात को बाजरे के दो कंटेनर किए निर्यात

शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड का राजस्थान में कारोबार वर्ष 2024-25 के 2.34 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 24.28 करोड़ रुपए हो गया है। श्रीगंगानगर की अतुल्य ग्रामीण सहकारी समिति ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड के सहयोग से वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात को बाजरे के दो कंटेनर निर्यात किए। बैठक में बाजरा, जीरा और किन्नू को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए उपज के संग्रहण, छंटाई, प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक राजस्थान राज्य भण्डारण निगम डॉ. आरूषी अजेय मलिक सहित सहकारिता विभाग एवं संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Updated on:
27 Oct 2026, 5:57 PM IST
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