
राजस्थान के सबसे ऊंचे IPD टॉवर पर आई सबसे बड़ी अपडेट
सीतारमण के भाषण को ध्यान से देखा
[typography_font:14pt;" >राज्य की वित्त मंत्री का ज़िम्मा संभाल रही दिया कुमारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडलर्स के ज़रिये एक तस्वीर शेयर। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'सचिवालय स्थित कार्यालय में मोदी सरकार के विकसित एवं समृद्ध भारत के संकल्प की सिद्धि हेतु केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट 2024 का सीधा प्रसारण देखा।'
अफसरों के साथ बैठकों में हैं व्यस्त
फिर शुरू हुआ 'डोटासरा V/S राठौड़' का मुकाबला, जानें क्यों गरमा रहा सियासी पारा?
क्या होता है लेखानुदान?
[typography_font:14pt]नई सरकार के लिए वित्तीय लेखाजोखा और सरकारी खर्चे को विधानसभा की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है। आम तौर पर ऐसी स्थितियों में सरकार लेखानुदान पारित कराती है। लेखानुदान राजस्व और खर्चों का लेखाजोखा मात्र होता है। इसमें कुछ महीनों के लिए सरकारी कर्मियों के वेतन, पेंशन और अन्य सरकारी कार्यों के लिए राजकोष से धन लेने का प्रस्ताव होता है। ऐसा इसलिए है कि संविधान के मुताबिक राजकोष से धन निकालने के लिए विधानसभा की मंज़ूरी ज़रूरी है।[typography_font:14pt]
20 साल बाद आया मौक़ा
[typography_font:14pt]राजस्थान को 20 साल बाद अब जाकर पूर्ण कालिक वित्त मंत्री मिला है। वर्ष 2003 से 2023 तक के कांग्रेस-भाजपा कार्यकाल में मुख्यमंत्रियों ने वित्त का महकमा अपने पास ही रखा और स्वयं बजट पेश किया। दो बार वसुंधरा राजे और दो बार अशोक गहलोत ने बतौर वित्त मंत्री बजट पेश किया। इन दोनों नेताओं से पहले कांग्रेस की तत्कालीन सरकार में प्रद्युमन सिंह वित्त मंत्री थे।
[typography_font:14pt]दिया के पास हैं कई विभाग
[typography_font:14pt;" >भजनलाल शर्मा सरकार आते ही दिया कुमारी का 'कद' बढ़ गया। उन्हें ना सिर्फ डिप्टी सीएम का महत्वपूर्ण ओहदा दिया गया, बल्कि उन्हें वित्त विभाग के अलावा पर्यटन विभाग, कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला और बाल विकास विभाग और बाल अधिकारिता विभाग जैसे बड़े महकमों का भी ज़िम्मा दिया गया है।