
Food Security Scheme Update : जयपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के लिए गेहूं मिलना मुश्किल हो रहा है। वजह, लाभार्थियों का पहले की तरह अंगूठे से सत्यापन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में आइरिश स्कैनर से सत्यापन हो गया तो ठीक नहीं तो लाभार्थी बिना गेहूं लिए ही लौट रहे हैं। इससे परेशान आमेर क्षेत्र के लाभार्थी अपने राशन कार्ड तक लौटाने के लिए राशन की दुकान पर पहुंच गए। राशन डीलर्स का कहना है कि सत्यापन में आ रही दिक्कतों के कारण प्रतिदिन 30 से 40 क्विंटल की जगह महज 15 से 20 क्विंटल गेहूं का ही वितरण हो पा रहा है।
आमेर क्षेत्र में भी लाभार्थियों के सत्यापन की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। परेशान लाभार्थी राशन की दुकान पर अपने अपने राशन कार्ड लेकर पहुंच गए और लहराने लगे। जब राशन डीलर ने कहा कि अपने राशन कार्ड अपने पास रखो तो लाभार्थी बोले जब इस राशन कार्ड से गेहूं मिल ही नहीं रहा तो रख कर क्या करें।
जयपुर जिले में सत्यापन की अव्यवस्था के कारण लाभार्थियों को गेहूं का वितरण नहीं हो पा रहा है और हर महीने हजारों क्विंटल गेहूं लैप्स होने की नौबत आ रही है। गेहूं लैप्स न हो और हो हल्ला नहीं मचे इसके लिए रसद अधिकारी हर महीने गेहूं के वितरण की तारीख बढ़ा रहे हैं।
बायोमेट्रिक सत्यापन बंद हो गया है और आइरिश स्कैनर से लाभार्थियों के सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। अव्यवस्थाओं के कारण लाभार्थियों को गेहूं नहीं मिल रहा और वे राशन डीलर्स को अपनी नाराजगी जता कर राशनकार्ड लौटाने की बात कह रहे हैं।
डिंपल शर्मा, अध्यक्ष, अखिल भारतीय उचित मूल्य दुकानदार संघ