जयपुर

राजस्थान फाउंडेशन के प्रयास लाए रंग

जयपुर. राजस्थान फाउंडेशन एवं राजस्थान वस्त्र व्यापार संघ सूरत के संयुक्त तत्वाधान में जोधपुर के मथुरादास चिकित्सालय, उम्मेद अस्पताल, महात्मा गांधी चिकित्सालय तथा अन्य सेटेलाइट अस्पतालों में गरीब मरीजों को दो हजार कंबल निःशुल्क वितरित किए गए।
less than 1 minute read
• •
Updated: 13 Feb 2020, 6:50 PM IST
Rajasthan Foundation's efforts brought color
Rajasthan Foundation's efforts brought color

राजस्थान फाउंडेशन के प्रयास लाए रंग

जयपुर. राजस्थान फाउंडेशन के प्रयास रंग ला रहे है। राजस्थान फाउंडेशन एवं राजस्थान वस्त्र व्यापार संघ सूरत के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को नि:शुल्क कंबलों का वितरण किया गया। राजस्थान फाउंडेशन व राजस्थान वस्त्र व्यापार संघ सूरत के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को जोधपुर के मथुरादास चिकित्सालय, उम्मेद अस्पताल, महात्मा गांधी चिकित्सालय तथा अन्य सेटेलाइट अस्पतालों में गरीब मरीजों को दो हजार कंबल निःशुल्क वितरित किए गए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा देश विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों के अपने जमीन से जोड़ने के उद्देश्य से राजस्थान फाउंडेशन का गठन किया था तथा फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने इसी उद्देश्य को अमली जामा पहनाने के लिए पिछले दिनों सूरत कोलकाता, बैंगलोर, मुंबई तथा अन्य राज्यों में बसे राजस्थानी समुदाय से मुलाकात कर सामाजिक सरोकार से जोड़ने का आह्वान किया था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर सीमा काविया, व्यापार संघ के अध्यक्ष निर्मल जैन, राजस्थान फाउंडेशन की संदीप सैनी तथा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एस. एस. राठौड़ आदि उपस्थित रहे।

Published on:
Also Read
View All
Public Ka Panna: दिवाली के सीजन में जयपुर के बाजारों में गंदा पानी, दुकानदार परेशान; कॉलोनियों में भी हाल बेहाल

राजस्थान में 150 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वालों के लिए बड़ा एलान, घर की छत पर मुफ्त लगेगा सोलर रूफटॉप

Rajasthan Politics: ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बयान पर राजस्थान में भी सियासी बवाल, ‘भड़की’ BJP – जानिए सीएम भजनलाल क्या बोले? 

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बागियों से BJP-कांग्रेस की बढ़ी चिंता, टिकट कटने से नाराज नेता बिगाड़ेंगे समीकरण?

Rajasthan Panchayat Election Result: कहीं 7वीं बार सरपंच बनीं पत्नी, कहीं 4 वोट से हारा दामाद; पंचायत चुनाव में नेताओं के परिवारों का क्या रहा हाल?