
जयपुर। राजस्थान सरकार की ओर से बजट में की गई 9 एक्सप्रेस-वे की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए भजनलाल सरकार ने एक विशेष सेल का गठन किया है। इसमें सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियर को शामिल किया गया है। ये इंजीनियर भविष्य में पूरी तरह से एक्सप्रेस-वे पर ही काम करेंगे।
नौ में से सात एक्सप्रेस-वे राज्य सरकार की ओर से बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जबकि दो एक्सप्रेस-वे जो राज्य सरकार की ओर से घोषित किए गए थे। वे एनएचएआइ की ओर से बनाया जाना प्रस्तावित है। एनएचएआइ ने दो एक्सप्रेस-वे को केन्द्र सरकार के विजन 2047 में शामिल कर रखा है।
सरकार ने मुख्य अभियंता (एक्सप्रेस-वे) के निर्देशन में एक टीम का गठन किया है। इस टीम में मुख्य अभियंता के अलावा एक अतिरिक्त मुख्य अभियंता, दो अधीक्षण अभियंता, चार अधिशासी अभियंता, चार सहायक अभियंता, दो एलएओ को शामिल किया गया है।
इन सभी अधिकारियों को काम भी बांट दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर में बैठ कर एक्सप्रेस-वे से संबंधित सभी कार्याें की निगरानी करेंगे। दो में से एक अधीक्षण अभियंता मुख्यालय से संबंधित एक्सप्रेस-वे के काम देखेंगे, जबकि दूसरे अधीक्षण अभियंता फील्ड के काम की समीक्षा करेंगे। इस टीम में शामिल दो एलएओ एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अवाप्ति का काम देखेंगे।