जयपुर

राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बच्चे अब कक्षा 3 से सीखेंगे AI, पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, जुड़ेंगे रोबोटिक्स और फेस रिकॉग्निशन के अध्याय

राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने नए शैक्षणिक सत्र से स्कूली पाठ्यक्रम में बड़े बदलावों की तैयारी पूरी कर ली है।
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Mar 15, 2026
एआई से बनाई गई तस्वीर

जयपुर। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने नए शैक्षणिक सत्र से स्कूली पाठ्यक्रम में बड़े बदलावों की तैयारी पूरी कर ली है। डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे प्राथमिक स्तर से ही भविष्य की तकनीक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' से रूबरू होंगे। विभाग ने 'आओ कंप्यूटर सीखें' और 'हमारा राजस्थान' जैसी पुस्तकों में महत्वपूर्ण अध्याय जोड़े हैं, जो नए सत्र से लागू कर दिए जाएंगे।

गेमिंग और रोबोटिक्स से समझेंगे तकनीक बच्चें

शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों को तकनीक के प्रति जागरूक करने के लिए 'आओ कंप्यूटर सीखें' पुस्तक के पाठ्यक्रम को अपडेट किया है। अब कक्षा 3 से ही बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि इसे बोझिल बनाने के बजाय उदाहरणों के जरिए समझाया गया है। सिलेबस में मोबाइल फीचर्स, गेमिंग, रोबोटिक्स और फेस रिकॉग्निशन जैसे उदाहरण शामिल किए गए हैं, ताकि बच्चे सरल भाषा में समझ सकें कि एआई उनके दैनिक जीवन में कैसे काम करता है।

छठी कक्षा के सिलेबस में नया अध्याय

प्रादेशिक सामान्य ज्ञान को मजबूत करने के लिए कक्षा 6 की पुस्तक 'हमारा राजस्थान' में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब विद्यार्थी मेवाड़ और बांगड़ क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और भौगोलिक महत्व को विस्तार से पढ़ेंगे। इसमें दक्षिणी राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली माही नदी और माही बजाज सागर परियोजना का विशेष उल्लेख किया गया है। साथ ही क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों की जानकारी भी जोड़ी गई है, ताकि छात्र अपनी संस्कृति और जल प्रबंधन की विरासत को समझ सकें।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे छात्र

आरएससीईआरटी का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के समकक्ष खड़ा करना है। एआई का नया पाठ जोड़ने के पीछे तर्क यह है कि भविष्य में रोजगार के अवसर इसी क्षेत्र में होंगे। सरल भाषा में तैयार किए गए इन पाठों के माध्यम से बच्चों को एआई के उपयोग और इसके महत्व की प्रारंभिक जानकारी दी जाएगी। इससे न केवल उनकी तकनीकी समझ बढ़ेगी, बल्कि उनमें तार्किक सोच का भी विकास होगा।

नए सत्र से मिलेंगी संशोधित किताबें: सरकारी स्कूलों में वितरण जल्द

परिषद द्वारा तैयार किया गया यह संशोधित पाठ्यक्रम आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू होगा। पाठ्यपुस्तक मंडल को छपाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। शिक्षकों को भी इन नए विषयों को पढ़ाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, ताकि वे एआई और क्षेत्रीय भूगोल जैसे विषयों को रोचक तरीके से छात्रों तक पहुँचा सकें।

Updated on:
15 Mar 2026 11:26 am
Published on:
15 Mar 2026 11:26 am