
जयपुर। राजस्थान के 50 बड़े चिकित्सालयों में शीघ्र ही 36 प्रकार के गंभीर रोगों की नि:शुल्क जांच होगी। निजी प्रयोगशालाओं में इन रोगों की जांच करवाने पर शुल्क के रूप में हजारों रुपए वसूले जाते हैं। पीपीपी मोड में संचालित योजना में इन जांचों का शुल्क प्रदेश सरकार वहन करेगी।
मरीजों को यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकारी चिकित्सालयों की प्रयोगशालाओं मेंं अब तक सामान्य रोगों की जांच की सुविधा होने पर गंभीर रोग की जांच के लिए आमजन को बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन प्रदेश सरकार के इस निर्णय से अब इन्हें इनसे छुटकारा मिलेगा।
36 गंभीर रोगों की होगी जांच
प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व कृष्णा डायग्रोस्टिक प्रा.लि. के बीच हुए समझौते के अनुसार सरकारी चिकित्सालयों में अब कैंसर, थैलेसिमिया, हद्य, थाईरायड, स्वाइन फ्लू, डेंगू, टाईफाइड व ऑपरेशन में रोग जांच के लिए ली जाने वाली बॉयोप्सी जांच की जाएगी।
जीजीटी, एचबी एवनसी, लिपिड प्रोफाइल, यूरिन कल्चरल, ब्लड कल्चरल, एपीटीटी, एलएच, टार्च, आयरन, विटामिन डी लेवल, बी-12, एएनए, पीएसए, एफडीपी, पीएपी सहित 36 प्रकार की जांचें की जाएगी। वर्तमान में जिला स्तरीय रेफरेल चिकित्सालयों में 56 प्रकार के रोग की जांच नि:शुल्क की जा रही है। इन चिकित्सालयों में कई रोगों की रेपिड जांच की जाती है। योजना पर अब एलीजा जांच की जाएगी। इस जांच में रोग के होने व नहीं होने की पूरी पुष्टि होती है।
ऐसी होगी जांच
सेम्पल लेने के लिए कंपनी कर्मचारी नियुक्त करेगी। दोपहर दो बजे तक ये सेम्पल समीपवर्ती कंपनी प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। वहां से जांच बाद के दूसरे दिन ऑनलाइन रिपोर्ट भेजी जाएगी।
यहां मिलेगी सुविधा
सरकार के निर्णय पर ब्यावर, केकड़ी, किशनगढ़, नसीराबाद, अलवर, कालाकुंआ, बांसवाड़ा, बांरा, बाड़मेर, बालोतरा, भरतपूर, भीलवाड़ा, शाहपुरा, बूंदी, चित्तौडग़ढ़, निंबाहेड़ा, चूरू, रतनगढ़, सुजानगढ़, दौसा, धौलपुर, धौलपुर बाड़ी, डूंगरपुर,सांगवाड़ा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटपूतली, जैसलमेर , जालोर, झुंंझुनू, नवलगढ़, करौली, हिण्डौन, कुचामन सिटी, नागोर, डीडवाना, लाडनूं ,पाली, सोजत, प्रतापगढ़, राजसमंद, नाथद्वारा, सवाईमाधोपुर, गंगापुर सिटी, सीकर, अजीतगढ़, सिरोही, टोंक, सलूम्बर चिकित्सालयों में नि:शुल्क रोग जांच की जाएगी।