चुनावी वर्ष में सरकार 20 करोड़ से चमकाएगी छवि...
जयपुर। आधा दर्जन विभागों में घोटाले और भ्रष्टाचार से बिगड़ी सरकार की छवि को चुनावी वर्ष में चमकाने के लिए जनता की गाढ़ी कमाई के 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह राशि सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्ट्रागाम) पर प्रचार को लेकर खर्च होगी। खास बात यह है कि फिलहाल राज्य सरकार सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए सालाना 25 से 30 लाख रुपए खर्च कर रही है। लेकिन इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सोशल मीडिया से प्रचार कर सरकार की छवि सुधारने के लिए जनसंपर्क विभाग ने 20 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है।
गत चार वर्षों में कई बड़े भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। इनके अलावा हजारों करोड़ का खान घोटाला, एनआरएचएम, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सहकारिता विभाग में गेहूं खरीद और नर्सिंग कॉलेजों से मान्यता के नाम पर मंत्री पुत्र की ओर से राशि वसूली के मामले सामने आने से प्रदेश में सरकार की छवि धूमिल हुई है। इनको देखते हुए सरकार ने सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर प्रचार कर सरकार धूमिल हुई छवि का सुधारने की मशक्कत कर रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में अलग से कार्यालय खोलकर सरकार के कामकाज का बखान किया जाना है।
एक कंपनी ने तैयार कराया टेण्डर..!
20 करोडक़ा काम सौंपने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। खास बात है कि इस काम में एक बाहर की फर्म ज्यादा रूचि ले रही है। टेण्डर तैयार कराने में भी इस कंपनी का अहम रोल है। कंपनी के अधिकारी टेण्डर जारी होने से पहले जनसपंर्क विभाग के शीर्ष नौकरशाह से मुलाकात कर चुके हैं।
जनता के पैसों से आखिर यह कैसे
इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह उठता है कि जनता की गाढ़ी कमाई के रुपयों को सरकार ऐसे खुद और खुद की पार्टी के प्रचार में कैसे खर्च कर सकती है। ऐसे में राज्य के विकास या फिर आमजन से जुड़ी योजनाओं को ताक पर रखा जा रहा है और रुपयों को केवल खुद के प्रचार प्रसार में खर्च किया जा रहा है। लोगों के अनुसार यह सीधे तौर पर प्रदेश की जनता के साथ धोखा है।
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