जयपुर

भाजपा की मुश्किलें बढी, गुर्जरों ने कहा चुनाव में करेंगे विरोध में प्रचार, समाज चला फिर आंदोलन की राह पर

गुजरात और प्रदेश के तीन उपचुनाव में भाजपा की मुश्किल
2 min read
• •
Updated: 29 Nov 2017, 9:28 PM IST
jaipur

जयपुर . गुर्जर समेत पांच जातियों के आरक्षण को लेकर बुधवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज भवन में हुई सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच हुई वार्ता विफल हो गई। गुर्जर समाज के नेता वार्ता बीच में छोडकऱ चले गए और गुजरात चुनाव तथा प्रदेश के तीन उपचुनावों में भाजपा के खिलाफ प्रचार करने का निर्णय किया।

यह रखी थी वार्ता में मांग
वार्ता में गुर्जर समाज के नेताओं ने जस्टिस रोहिणी की अध्यक्षता में कमेटी की सिफारिश बताने तथा उसके अनुसार गुर्जर समेत पांच जातियों को आरक्षण का फार्मूला रखने की मांग सरकार से की। इसके अलावा इन नेताओं ने संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण संबंधी निर्णयों के मुताबिक उन्हें पांच फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाए। जिससे आरक्षण का मसला फिर से कानूनी पेचिदगियों में नहीं फंसे।

सरकार निकाल रही समय
बैठक के बाद गुर्जर समाज के प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा कि सरकार को अति पिछड़ा वर्ग का एक फीसदी आरक्षण तो पहले ही दे देना चाहिए था। इसमें जानबूझकर देरी की गई। सरकार सिर्फ अपना समय निकाल रही है। दस साल हो गए, लेकिन निर्णय नहीं हो पाया है। आज हमें जस्टिस रोहिणी की अध्यक्षता वाली कमेटी का फार्मूला बताने के लिए बुलाया गया था, लेकिन मंत्रियों ने ऐसा कुछ नहीं कहा। सिर्फ गुजरात चुनाव में व्यस्तता बताकर एक महीने का समय मांग लिया। गुर्जर समाज ने यह समय देने से मना कर दिया है। अब समाज के नेता प्रदेश के तीन उपचुनाव और गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे। वहीं आंदोलन का निर्णय समाज के बीच जाकर किया जाएगा।

इन्होंने लिया भाग
बैठक में सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी, सामान्य प्रशासन के हेमसिंह भड़ाना और गुर्जर समाज की ओर से कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला, कैप्टन हरप्रसाद, हिम्मत सिंह, अतर सिंह भड़ाना मौजूद थे।

Published on: