
जयपुर। Heavy Rain in Rajasthan: राजस्थान के कई जिलों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। सीकर ( heavy rain in sikar ) में सर्वाधिक 6.64 इंच और जयपुर ( heavy rain in jaipur ) में 6 इंच और बारां जिले के शाहाबाद में 6 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश वाले जिलों में शिक्षा विभाग और कलक्टर ने स्कूलों की छुट्टी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। झुंझुनूं में शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय व गैर राजकीय स्कूलों में शनिवार को अवकाश घोषित किया है। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात से ही बारिश का दौर शुरू हुआ, जो शुक्रवार को दोपहर तक चलता रहा।
जयपुर में दो जगह मकान गिर गए, तीन जगह पर सड़कें धंस गई। वहीं जयपुर ग्रामीण इलाकों कई ढांणियां जलमग्र हो गईं। वर्षाजनित हादसे में झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ के निकट एक एनिकट में डूबने से एक बालक की मौत हो गई। पपूरना के पास मनसा माता मंदिर के निकट बालक एनीकट में डूबा गया। जयपुर के बस्सी में दो और चाकसू में एक की मौत हो गई। चूरू के रानोली स्थित पावडिया नाले में गुरुवार को पानी में बहे 22 वर्षीय युवक संजय कुमार का शव 18 घंटे बाद मिला। झुंझुनूं के पलसाना में रेलवे ट्रेक के नीचे से गिट्टी निकल गई।
कोट बांध ( kot bandh ) पर सात साल बाद चादर चली। निवाई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से दत्तवास थाने में चारों ओर पानी ही पानी हो गया। पुलिसकर्मी सामान लेकर निकल लिए। थानागाजी में 7 घंटे बारिश के बाद डूमेड़ा बांध टूट गया। इटावा में सरकारी स्कूल की दीवार गिरी गई। हनुमानगढ़ के बरसात से संगरिया क्षेत्र के गांव ढाबां में कच्चे मकान की छत ढह गई।
12 ट्रेन रद्द, हजारों यात्री परेशान
पटरियों पर पानी भरने के कारण सीकर रेलवे स्टेशन तक आने वाली 12 ट्रेन पिछले दो दिन में रद्द करनी पड़ी, जिससे हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। दिल्ली से रींगस के बीच चलने वाली सैनिक एक्सप्रेस को ठीकरिया से पहले ही रोका गया। ट्रेन को वापस पलसाना स्टेशन लाया गया। खाटूश्यामजी में भी दूसरे दिन बरसात का दौर जारी रहा। बाबा श्याम के दर्शन करने आए भक्तों को काफी परेशानी हुई।
जानें आखिर क्यों हो रही है भारी बारिश
मौसम विभाग के निदेशक शिव गणेश के अनुसार सतह पर कम हवा दबाव का क्षेत्र को ट्रफ कहा जाता है। यह मानसून को सक्रिय करने वाला एक सिस्टम है। अभी श्रीगंगानगर से उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक हिसार, आगरा होते हुए ट्रफ बन रहा है।
इसी सिस्टम से मानसून सक्रिय हो रहा है। इस मानसून ट्रफ के कम हवा के दबाव का असर ऊपरी वायुमंडल में 3 से 4 किमी तक हो गया है। साथ ही वायुमंडल में ऊपरी हवाओं का राजस्थान के ऊपर एक चक्रिय तंत्र बनने से मानसून की सक्रियता और बढ़ गई है। यही कारण है कि भी तीन दिन भारी बारिश रहेगी।
कहां कितनी बारिश
शाहाबाद, ( बारां) 6 इंच
लक्ष्मणगढ़ ( सीकर) - 5.96 इंच
चिड़ावा (झुंझुनूं)- 4.64 इंच
चाकसू जयपुर : 4.5 इंच
चूरू- 4 इंच