जयपुर

फर्जी तरीके से प्रवेश पाने वालों को क्यों दी एमबीबीएस की डिग्री, हाईकोर्ट ने मांगा शपथ पत्र

Rajasthan News: हाईकोर्ट ने 15 साल पहले 16 अभ्यर्थियों के एमबीबीएस में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि विवाद के लंबित रहते इन अभ्यर्थियों को एमबीबीसी की डिग्री कैसे दे दी गई?

less than 1 minute read
Apr 03, 2024

Jaipur News: हाईकोर्ट ने 15 साल पहले 16 अभ्यर्थियों के एमबीबीएस में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि विवाद के लंबित रहते इन अभ्यर्थियों को एमबीबीसी की डिग्री कैसे दे दी गई? कोर्ट ने सुनवाई 29 अप्रेल तक टालते हुए इस बारे में प्रमुख स्वास्थ्य सचिव से शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट ने केस के प्रभारी अधिकारी को भी रिकॉर्ड सहित तलब किया है।

न्यायाधीश समीर जैन ने मंगलवार को रविकांत निर्वाण व अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश दिया। प्रार्थीपक्ष ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं को लेकर कोर्ट पहले ही आदेश दे चुका, जिसमें इनकी डिग्री को ट्रायल कोर्ट के निर्णय के अधीन रखने को कहा गया है। एमबीबीएस के बाद याचिकाकर्ताओं ने मेरिट के आधार पर आगे की पढ़ाई की और अब मेरिट के आधार पर चयनित होकर नौकरी कर रहे हैं। अतिरिक्त महाधिवक्ता भुवनेश शर्मा ने कहा कि मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है।

उल्लेखनीय है कि 2009 में राजस्थान प्री मेडिकल टेस्ट में याचिकाकर्ताओं सहित 16 अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया और उनकाे एमबीबीएस में प्रवेश मिल गया। बाद में हस्ताक्षर आदि का मिलान नहीं होने के आधार पर याचिकाकर्ताओं के प्रवेश को गलत माना गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पी के सिंह की कमेटी से जांच करवाई और बाद में केन्द्रीय जांच एजेंसी से भी जांच कराने को कहा गया। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने परीक्षण के बाद इन अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर आदि पर सवाल उठाए, जिसके बाद राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने नोटिस दिया और इस नोटिस को याचिका के जरिए चुनौती दी गई है।

Published on:
03 Apr 2024 09:23 am
Also Read
View All