जयपुर

अब डॉक्टरों को मिलेगी उनके कर्मों की सजा, जितनी मौतें उतना भरना पड़ेगा हर्जाना

राजस्थान हाईकोर्ट ने डॉक्टर हड़ताल के दौरान 30 लोगों की मौत पर सख्त रुख दिखाया है।
2 min read
Nov 16, 2017
rajasthan doctors strike
doctors strike

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डॉक्टर हड़ताल के दौरान 30 लोगों की मौत पर सख्त रुख दिखाया है। कोर्ट ने हड़ताल के दौरान 30 रोगियों की मौत पर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि राशि हड़ताली डॉक्टरों से वसूल की जाए और इसके लिए डॉक्टरों की जवाबदेही तय की जाए।

न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने इस बारे में महाधिवक्ता के जरिए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सुनवाई 27 नवम्बर तक टालते हुए हड़ताली डॉक्टरों की जवाबदेही तय करने के लिए राज्य सरकार से शपथ पत्र मांगा है। आपको बता दें कोर्ट ने हड़ताल के दौरान 30 लोगों की मौत को गंभीरता से लिया है। अतिरिक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ. कुसुम सांघी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। सरकार ने लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था।

डॉ. सांघी की ओर से अधिवक्ता प्रवीण शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रार्थना पत्र निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के बयान का हवाला देकर डॉक्टर हड़ताल के दौरान 30 लोगों की मौत के बयान को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने इस बात को भी गंभीरता से लिया कि राज्य सरकार ने वेतन सहित अन्य मांगों को मान लिया, इसके बाद हड़ताल समाप्त हुई।

गौरतलब है कि सात दिनों में हुई 30 मौतों के बाद डॉक्टरों की हड़ताल रविवार रात 11 बजे समाप्त हुई थी। 8.30 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी और चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। हड़ताल समाप्ति की घोषणा से पहले कई बार नाटककीय घटनाक्रम चला। रात 9 बजे सेवारत डॉक्टरों की मांगों पर सहमति बनने के बाद रेजीडेंट्स को बुलाया गया। रेजीडेंट की मांगों पर रात 1.30 बजे सहमति बनी थी।

Published on:
16 Nov 2017 05:08 pm