
patrika Podcast spandan
आज परिवार के प्रति हमारे कर्मों की भूमिका बदल गई है। माता-पिता व संतान के प्रति हमारा दायित्व मात्र अर्थोपार्जन व सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने तक रह गया। किन्तु क्या कभी सोचा है कि इसका परिणाम कितना भयावह हो रहा है। हम जिस भविष्य की कल्पना कर रहे है, क्या वह सच में सुनहरा होगा?
Gulab Kothari Articles : स्पंदन :परिवार समाज की सबसे छोटी किन्तु सबसे मजबूत इकाई है। संतान परिवार की सबसे कोमल कड़ी है। जन्म के साथ ही वह मां की गोद, पिता का सहारा, दादा-दादी का अनुभव व भाई-बहनों का साथ पाता है। परिवार वह स्थान है जहां केवल शरीर का जन्म नहीं होता, बल्कि उसका व्यक्तित्व जन्म लेता है। परिवार की गोद में ही वह प्रेम, विश्वास, त्याग, अनुशासन और मानवता का पहला पाठ पढ़ता है। इसलिए परिवार को समय देना केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के प्रति हमारा सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है। जिस प्रकार पौधे को बढऩे के लिए पर्याप्त मात्रा में मिट्टी, पानी व धूप चाहिए, उसी प्रकार संतान के विकास के लिए परिवार का स्नेह, सुरक्षा व संस्कार जरूरी है।
Updated on:
20 Sept 2026 06:32 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:31 pm
