
Rajasthan : गजेन्द्र सिंह शेखावत व मदन राठौड़। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : कांग्रेस द्वारा नगर निगम चुनाव जोधपुर में हाइब्रिड तकनीक के माध्यम से राजेंद्र सोलंकी को उम्मीदवार बनाए जाने के मीडिया के सवाल पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि यह नियम कायदे के दायरे में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए शायद इसी उद्देश्य से नियमों में संशोधन किया होगा। उन्होंने कहा कि शहर के मतदाता पहले ही अपना मानस व्यक्त कर चुके हैं। नगर निगम बोर्ड के लिए चुने गए सदस्यों ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ऐसे में चुनाव को लेकर जनता और निर्वाचित प्रतिनिधियों की भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दो दिन पहले भी रात में थाना रातानाडा जाकर एक हाईवोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामा खड़ा करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुबह होते-होते वह पटाखा फुस्स हो गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक माहौल को अनावश्यक रूप से गरमाने और झूठ-अफवाहों के जरिए भ्रम पैदा करने की कोशिशें जनता के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं सकतीं।
नगर निगम जोधपुर में महापौर पद के लिए भाजपा के प्रसन्नचन्द मेहता व कांग्रेस के राजेन्द्र सिंह सोलंकी में सीधा मुकाबला होगा। दोनों ही प्रत्याशियों ने शनिवार को निगम कार्यालय परिसर में महापौर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए। कांग्रेस के राजेन्द्र सिंह सोलंकी हाइब्रिड प्रत्याशी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर प्रहार करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि किसी का उपनाम धारण कर लेने भर से उससे जुड़ी विरासत, परिपक्वता और जिम्मेदार आचरण हासिल नहीं किया जा सकता है। शेखावत ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने ही देश के प्रधानमंत्री को लेकर जिस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें सार्वजनिक मंच पर की, वह अशोभनीय और निंदनीय भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पुराने व्यवहार को देखते हुए उनका यह आचरण कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उपनाम किसी से चुरा सकते हो, लेकिन उसके साथ जुड़ी विरासत, परिपक्वता और जिम्मेदारीपूर्ण आचरण का व्यवहार हासिल नहीं कर सकते हैं।
उधर जयपुर में क्रॉस वोटिंग के दावों पर राजस्थान भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा, वो (कांग्रेस) कभी तो हम पर आरोप लगाते थे। अब कांग्रेस कह रही है कि क्रॉस वोटिंग उनके पक्ष में होगा। इसका मतलब उनको अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि वो कर क्या रहे हैं। कभी तो हमारे लिए कहते थे कि हम मैनेज कर रहे हैं। अब वो मैनेज करने का प्रयास कर रहे हैं। वो क्रॉस वोटिंग करवाना चाहते हैं। कितने ही माथा फोड़ दे, कुछ भी कर दे, नहीं होगा।
Updated on:
20 Sept 2026 09:27 pm
Published on:
20 Sept 2026 04:35 pm
